Pride of Memari:पूर्व बर्द्धमान: प्रतिभा किसी पहचान की मोहताज नहीं होती और जब मेहनत के साथ सही मार्गदर्शन मिले, तो सफलता के द्वार अपने आप खुल जाते हैं। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है पूर्व बर्द्धमान के मेमारी के निवासी अहन मान्ना ने। अहन को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) द्वारा आयोजित एक विशेष प्रशिक्षण शिविर के लिए चुना गया है।
कड़े मुकाबले में हासिल की जीत
इसरो के इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम में शामिल होना कोई साधारण उपलब्धि नहीं है। इस वर्ष, इस प्रशिक्षण शिविर के लिए पूरे देश से लगभग 4 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं ने आवेदन किया था। प्रतियोगिता का स्तर इतना कठिन था कि चयन की दर मात्र 0.00114% रही।
अहन मान्ना ने अपनी मेधा और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के बल पर इस अत्यंत सूक्ष्म प्रतिशत वाले विशिष्ट समूह में अपनी जगह पक्की की है। लाखों की भीड़ में खुद को साबित करना अहन की कड़ी मेहनत और विज्ञान के प्रति उनके जुनून को दर्शाता है।
भविष्य के वैज्ञानिकों के लिए प्रेरणा
इसरो का यह प्रशिक्षण शिविर छात्रों को अंतरिक्ष विज्ञान, उपग्रह प्रौद्योगिकी और रॉकेट विज्ञान की बारीकियों को समझने का अवसर प्रदान करता है। अहन का चयन न केवल उनके परिवार के लिए खुशी का विषय है, बल्कि मेमारी और पूरे जिले के अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है।
“जब लक्ष्य बड़ा हो और हौसले बुलंद, तो इसरो जैसी संस्थाओं तक पहुँचने का सपना भी हकीकत बन जाता है।”
अहन की इस सफलता पर उनके स्कूल, शिक्षकों और स्थानीय निवासियों ने उन्हें ढेर सारी शुभकामनाएँ दी हैं। उम्मीद है कि इसरो के इस शिविर से अहन एक नए अनुभव और ज्ञान के साथ लौटेंगे, जो भविष्य में देश के अंतरिक्ष मिशनों में योगदान देने में सहायक होगा।





