Rongo, a Heavenly Hill Station in the North:डुआर्स का मतलब केवल चाय के बागान नहीं होता। रंगो एक ऐसी जगह है जहाँ आपको पहाड़ की ऊँचाई, घने जंगल और कल-कल बहती नदियों का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। भूटान सीमा के पास स्थित यह गाँव प्रकृति प्रेमियों के लिए किसी वरदान जैसा है।

क्यों जाएँ रंगो?
शांति और सुकून: अगर आप शहर की भागदौड़ और ऑफिस की डेडलाइन से थक चुके हैं, तो यहाँ की खामोशी आपको नई ऊर्जा देगी।
ऑफबीट डेस्टिनेशन: यहाँ पर्यटकों की भारी भीड़ नहीं होती, जिससे आप प्रकृति को करीब से महसूस कर सकते हैं।
विविधता: यहाँ ट्रेकिंग से लेकर जंगल सफारी तक का आनंद लिया जा सकता है।

प्रमुख आकर्षण और गतिविधियाँ
रंगो और उसके आसपास घूमने के लिए कई बेहतरीन विकल्प मौजूद हैं:
पक्षी दर्शन (Bird Watching): यहाँ आपको रंग-बिरंगे पहाड़ी पक्षी और मोरों की गूँज सुनने को मिलेगी।
रंगो गुम्पा: आध्यात्मिक शांति के लिए आप यहाँ के स्थानीय मठ (Monastery) के दर्शन कर सकते हैं।
ट्रेकिंग: एडवेंचर के शौकीनों के लिए यहाँ के पहाड़ी रास्ते ट्रेकिंग का शानदार अनुभव प्रदान करते हैं।
आसपास के स्थल: अगर आपके पास समय है, तो आप यहाँ से झालोंग, बिंदु, रॉक आइलैंड, जलदापाड़ा फॉरेस्ट, बक्सा और जयंती पहाड़ियों की सैर भी कर सकते हैं।
कैसे पहुँचें?
रंगो पहुँचना काफी आसान है और यह यात्रा बेहद रोमांचक होती है:
ट्रेन द्वारा: सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन न्यू माल जंक्शन (New Mal Junction) है। सियालदह से आप ‘कंचनकन्या एक्सप्रेस’ लेकर यहाँ पहुँच सकते हैं।
सड़क मार्ग: न्यू माल जंक्शन से उतरकर आप चालसा बस स्टैंड जा सकते हैं।
चालसा से सुबह 10:05 बजे एक गाड़ी चलती है, जिसका किराया लगभग 120 रुपये प्रति व्यक्ति है।
यदि आप अपनी सुविधा के अनुसार जाना चाहते हैं, तो प्राइवेट छोटी गाड़ी रिजर्व कर सकते हैं, जिसका किराया 2,000 से 2,500 रुपये के बीच होता है।
टिप: गर्मियों की छुट्टियों के लिए यह एक परफेक्ट गेटवे है। यहाँ के होमस्टे में रुककर आप स्थानीय संस्कृति और भोजन का लुत्फ उठा सकते हैं।
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