Amul: पश्चिम बंगाल के औद्योगिक और व्यापारिक क्षेत्र में एक बहुत बड़ा निवेश होने जा रहा है। देश की सबसे बड़ी डेयरी कंपनी अमूल (Amul) हावड़ा के संकराइल (Sankrail) में दुनिया का सबसे बड़ा दही उत्पादन केंद्र (World’s Largest Yogurt/Curd Production Center) स्थापित करने जा रही है। इस मेगा प्रोजेक्ट का शिलान्यास करने के लिए देश के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह खुद बंगाल आ रहे हैं। राज्य में नई राजनीतिक व प्रशासनिक व्यवस्था के बाद यह पहला इतना बड़ा औद्योगिक प्लांट होने जा रहा है, जिसका भूमि पूजन होने जा रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार, आगामी 14 जून को हावड़ा के संकराइल फूड पार्क में इस प्रस्तावित प्लांट का आधिकारिक शिलान्यास किया जाएगा। यह जगह कोलकाता से महज 25-35 किलोमीटर की दूरी पर राष्ट्रीय राजमार्ग 16 (NH-16) के बिल्कुल पास स्थित है। इस भव्य कार्यक्रम में देश भर से लगभग 600 दुग्ध उत्पादक (डेयरी किसान) और 200 से अधिक विशिष्ट अतिथि शामिल होंगे।
नबन्ना में हुई हाई-प्रोफाइल बैठक
इस ऐतिहासिक शिलान्यास से पहले शनिवार को राज्य के सचिवालय ‘नबन्ना’ में एक बेहद महत्वपूर्ण और उच्च स्तरीय बैठक हुई। इस बैठक में गुजरात को-ऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (GCMMF) के मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) श्री जयेन मेहता और कायरा डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर्स यूनियन (अमूल डेयरी) के सर्वेसर्वा श्री अमित व्यास ने हिस्सा लिया।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री शुभेंद्रु अधिकारी ने इस मुलाकात को राज्य के विकास के लिए मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा:
”आज नबन्ना में अमूल डेयरी के शीर्ष अधिकारियों के साथ हमारी शिष्टाचार मुलाकात और बेहद महत्वपूर्ण चर्चा हुई। आने वाले समय में पश्चिम बंगाल में अमूल जैसी इतनी बड़ी और प्रतिष्ठित संस्था का निवेश राज्य के आर्थिक विकास, रोजगार के नए अवसरों और डेयरी उद्योग के आधुनिकीकरण में बहुत बड़ी भूमिका निभाएगा। यह चर्चा बेहद सकारात्मक रही और मुझे पूरा भरोसा है कि बंगाल और अमूल का यह आपसी सहयोग राज्य में खुशहाली का नया सवेरा लेकर आएगा।”
600 करोड़ का निवेश और रिकॉर्ड उत्पादन
इस प्रोजेक्ट से जुड़ी कुछ बेहद खास बातें इस प्रकार हैं:
प्राथमिक निवेश: इस प्लांट को शुरू करने के लिए शुरुआती तौर पर 600 करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश किया जा रहा है।
मुख्य फोकस: हालांकि यहाँ दूध से बने कई अन्य प्रॉडक्ट्स भी तैयार किए जाएंगे, लेकिन इस प्लांट का मुख्य फोकस ‘दही’ पर होगा।
दैनिक क्षमता: इस अत्याधुनिक कारखाने से रोजाना 10 लाख किलोग्राम (10 Lakh Kg) दही, लस्सी और छाछ (मट्ठा) का उत्पादन करने का लक्ष्य रखा गया है।
स्थानीय स्तर पर रोजगार की बहार
अमूल (आनंद मिल्क यूनियन लिमिटेड), जिसकी शुरुआत साल 1946 में हुई थी, आज भारत का सबसे बड़ा दुग्ध ब्रांड है और इससे देश के लाखों पशुपालक जुड़े हुए हैं। हावड़ा के संकराइल में बनने वाले इस नए प्लांट से न केवल बंगाल के स्थानीय डेयरी किसानों को अपनी उपज का सही दाम मिलेगा, बल्कि हजारों युवाओं के लिए रोजगार (Employment) के नए रास्ते भी खुलेंगे। कोलकाता के नजदीकी जिले हावड़ा के लोग इस निवेश को लेकर बेहद उत्साहित हैं और इसे राज्य के औद्योगिक पुनरुत्थान के रूप में देख रहे हैं।





