PM Awas Yojona:यदि आप भी प्रधानमंत्री आवास योजना (PM Awas Yojana) का लाभ उठाने के लिए बार-बार आवेदन कर रहे हैं, लेकिन हर बार आपका आवेदन निरस्त हो जाता है, तो यह खबर आपके काम की है। पश्चिम बंगाल सरकार जल्द ही इस महत्वाकांक्षी योजना के नियमों में बड़ी ढील देने पर विचार कर रही है। इसके लिए राज्य प्रशासन (नवान्न) केंद्र सरकार के साथ बातचीत का रास्ता तलाश रहा है। उम्मीद है कि यदि दोनों पक्षों में सहमति बनती है, तो आने वाले दिनों में बड़ी संख्या में जरूरतमंदों को पक्का मकान मिल सकेगा।
क्या आसान होंगे प्रधानमंत्री आवास योजना के नियम?
वर्तमान नियमों के अनुसार, PMAY का लाभ केवल उन्हीं लोगों को मिलता है जिनके पास कोई पक्का मकान नहीं है। लेकिन इस कड़े नियम के कारण कई ऐसे योग्य परिवार भी लिस्ट से बाहर हो जाते हैं, जिनके मिट्टी के घरों पर एस्बेस्टस (Asbestos) या टिन की शीट (Corrugated Sheets) लगी होती है।
राज्य सरकार का मानना है कि केवल छत पर टिन या एस्बेस्टस होने मात्र से किसी का घर ‘पक्का मकान’ नहीं हो जाता। इस मुद्दे पर प्रशासन का रुख बेहद स्पष्ट है:
मजबूरी में छत मजबूत करना: भारी बारिश, चक्रवात और प्राकृतिक आपदाओं से बचने के लिए कई गरीब परिवार तिनका-तिनका जोड़कर अपनी छत को थोड़ा मजबूत कर लेते हैं।
अधिकारियों का तर्क: एक सरकारी अधिकारी के अनुसार, “कई बेहद गरीब परिवारों के घर की दीवारें मिट्टी की ही होती हैं, लेकिन वे मौसम की मार से बचने के लिए छत पर थोड़ा खर्च करते हैं। सिर्फ इस वजह से उन्हें योजना से वंचित रखना नाइंसाफी है।”
पुरानी सूची की दोबारा जांच: सूत्रों के मुताबिक, राज्य सरकार ने पिछले 5 वर्षों में दो चरणों के तहत लगभग 43 लाख लाभार्थियों को दी गई राशि की सूची को फिर से री-वेरिफाई (पुनर्जांच) करने का आदेश दिया है। इस छंटनी में कई अपात्र (अयोग्य) लोगों के नाम काटे जाने की संभावना है।
आवास योजना में लागू हो सकता है ‘कोटा’ सिस्टम
इस बार पश्चिम बंगाल में आवास योजना के तहत ‘कोटा सिस्टम’ लागू करने की सुगबुगाहट तेज है। इस व्यवस्था के अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा हर वित्तीय वर्ष में पश्चिम बंगाल के लिए एक निश्चित कोटा (Target) तय किया जाएगा कि उस वर्ष कितने लाभार्थियों को पक्के मकान के लिए फंड आवंटित किया जाना है।
इसी सिलसिले में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हाल ही में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत एक बड़ा कदम उठाया है:
विवरण आंकड़े और संबंधित राज्य
कुल स्वीकृत राशि ₹10,021.42 करोड़
लाभान्वित राज्य (12 राज्य) असम, छत्तीसगढ़, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, केरल, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश।
यदि केंद्र और राज्य के बीच आगामी बातचीत सफल रहती है, तो बंगाल के लाखों उन परिवारों की किस्मत खुल सकती है जो अब तक मामूली तकनीकी कारणों से इस योजना की दौड़ से बाहर थे।
और पढ़ें:Hilsa Fish:की पहली सौगात!!!बाजारों में आई ताज़ा इलिश, जानें क्या है बड़े साइज की मछली का भाव!!!





