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ICSE Result 2026: वर्धमान की निपोवीथी दत्ता ने रचा इतिहास, 500 में से 499 अंक पाकर बनीं स्टेट टॉपर!!!

ICSE Result 2026:वर्धमान: आईसीएसई (ICSE) 2026 के परीक्षा परिणाम घोषित होते ही पश्चिम बंगाल के पूर्व वर्धमान जिले में जश्न का माहौल है। वर्धमान सेंट जेवियर्स स्कूल की छात्रा निपोवीथी दत्ता ने 500 में से 499 अंक (99.8%) हासिल कर न केवल अपने स्कूल, बल्कि पूरे राज्य का नाम रोशन किया है। उनकी इस असाधारण उपलब्धि ने सबको हैरान कर दिया है।

सफलता का मूल मंत्र: रटने के बजाय निरंतर अभ्यास

अपनी इस ‘परफेक्ट’ सफलता पर निपोवीथी का कहना है कि उन्होंने कभी भी घंटों तक लगातार पढ़ाई नहीं की। उनके अनुसार:

नियमित अभ्यास: उन्होंने रटने के बजाय पाठ्यपुस्तकों और रेफरेंस किताबों को गहराई से समझने पर जोर दिया।

टाइम मैनेजमेंट: वह शाम के समय ज्यादा पढ़ाई करती थीं और छुट्टियों के दिन सुबह का समय अपनी तैयारी को देती थीं।

ब्रेक लेकर पढ़ाई: एक साथ बैठने के बजाय छोटे-छोटे अंतराल में पढ़ाई करना उनकी रणनीति का हिस्सा था।

विरासत में मिली मेधा और ठाम्मों की प्रेरणा

निपोवीथी के परिवार में शिक्षा का गहरा प्रभाव है। उनके पिता अभिज्ञान दत्ता वर्धमान विश्वविद्यालय में भौतिकी के प्रोफेसर हैं और माँ महाश्वेता राय दत्ता वर्धमान राज कॉलेज में अर्थशास्त्र की प्रोफेसर हैं। हालांकि, निपोवीथी अपनी सफलता का सबसे बड़ा श्रेय अपनी दादी (ठाम्मों) को देती हैं, जो उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा रही हैं।

केवल किताबी कीड़ा नहीं, ‘फैलुदा’ की हैं प्रशंसक

अक्सर माना जाता है कि टॉपर केवल किताबों में खोए रहते हैं, लेकिन निपोवीथी इसके उलट हैं। वे एक बहुमुखी प्रतिभा की धनी हैं:

उन्हें नाच, गाना और चित्रकारी का शौक है।

वे सत्यजीत रे के मशहूर जासूसी किरदार ‘फैलुदा’ की बहुत बड़ी प्रशंसक हैं।

बचपन में उनका किताबों के प्रति जुनून इतना था कि वे दूसरों के घर जाते समय भी कहानी की किताबें साथ ले जाती थीं, जिसके लिए उन्हें माँ से डांट भी पड़ती थी।

भविष्य की योजना: विज्ञान में शोध का लक्ष्य

अपनी इस शानदार जीत के बाद निपोवीथी का लक्ष्य बिल्कुल स्पष्ट है। वह आगे चलकर विज्ञान (Science) विषय को अपनाना चाहती हैं और भविष्य में रिसर्च यानी शोध के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहती हैं।

वर्धमान के इस होनहार बिटिया की सफलता पर पूरे जिले के शिक्षकों और पड़ोसियों में खुशी की लहर है। ४ मई को आधिकारिक अंतिम परिणामों की घोषणा से पहले ही, निपोवीथी के इस स्कोर ने बंगाल की मेधा का लोहा एक बार फिर मनवा दिया है।

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