Indian Biscuit:भारत के समृद्ध इतिहास और सांस्कृतिक धरोहर की मिठास अब सात समंदर पार खाड़ी देशों (Gulf Countries) तक पहुंचने लगी है। दुनिया के सबसे पुराने और आध्यात्मिक शहरों में शुमार वाराणसी (काशी) की बिस्कुट ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक नया इतिहास रच दिया है। भारत की इस प्राचीन नगरी में तैयार होने वाले विभिन्न प्रकार के बिस्कुटों की पहली खेप पहली बार ओमान भेजी गई है। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने आधिकारिक तौर पर इस महत्वपूर्ण व्यापारिक सफलता की पुष्टि की है।
व्यापारिक डील और पहली खेप
भारत और ओमान के बीच लगातार मजबूत होते द्विपक्षीय संबंधों के बीच यह एक बड़ी आर्थिक कामयाबी है। दोनों देशों के बीच हुए ‘व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते’ (CEPA – Comprehensive Economic Partnership Agreement) के तहत इस निर्यात को अंजाम दिया गया है।
पहली खेप का आकार: शुरुआत के तौर पर वाराणसी से 40 मीट्रिक टन बिस्कुट ओमान भेजे गए हैं।
भविष्य का लक्ष्य: भारत और ओमान के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जिसके तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में ओमान सहित पूरे ‘खाड़ी सहयोग परिषद’ (GCC – Gulf Cooperation Council) के देशों में कुल 700 मीट्रिक टन बिस्कुट निर्यात करने का बड़ा लक्ष्य रखा गया है।
शून्य-शुल्क (Duty-Free) का मिलेगा जबरदस्त फायदा
अंतरराष्ट्रीय बाजार में किसी भी नए उत्पाद के लिए अपनी जगह बनाना आसान नहीं होता, लेकिन भारतीय बिस्कुट को एक बहुत बड़ा फायदा मिला है। ओमान भेजी गई बिस्कुट की इस खेप को शून्य-शुल्क (कर-मुक्त) सुविधा का लाभ मिला है।
बाजार पर असर: टैक्स न लगने के कारण ओमान के बाजारों में इन बिस्कुटों की कीमत बेहद प्रतिस्पर्धी (Competitive Price) रखी जा सकेगी। कम कीमत और वाराणसी के पारंपरिक व बेहतरीन स्वाद के दम पर यह उम्मीद जताई जा रही है कि भारतीय बिस्कुट जल्द ही ओमान के स्थानीय स्टोरों में पहले से मौजूद अन्य अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स को कड़ी टक्कर देगी।
वाराणसी के स्वाद से महकेगा खाड़ी देश
गंगा के घाटों और अपनी आध्यात्मिक ऊर्जा के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध वाराणसी अब अपने स्वाद के लिए भी ग्लोबल स्तर पर पहचाना जाएगा। ओमान एक समृद्ध और विकसित देश है, जहां विभिन्न संस्कृतियों के लोग रहते हैं। ऐसे में वाराणसी के बिस्कुटों का वहां पहुंचना भारतीय खाद्य प्रसंस्करण (Food Processing) उद्योग के लिए एक बड़ी छलांग है।
अगर यह उत्पाद ओमान के लोगों का दिल जीतने में कामयाब रहता है, तो आने वाले समय में संपूर्ण खाड़ी देशों (जैसे यूएई, सऊदी अरब, कतर आदि) में भारतीय बिस्कुट के लिए एक बहुत बड़ा और परमानेंट बाजार तैयार हो जाएगा।
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