Ekdunia digital hospital :”देश सबसे पहले है। देश की उन्नति, एकजुटता और एकता सर्वोपरि है। विकास का लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुँचना चाहिए।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर शांतिनिकेतन मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में आयोजित एक विशेष समारोह में भाजपा मेडिकल सेल के पूर्व राष्ट्रीय सह-संयोजक और भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के पूर्व सदस्य डॉ. दिनेश उपाध्याय ने यह प्रेरक संदेश दिया।
गुरुवार को ‘सकारात्मक संदेश फाउंडेशन’ की पहल पर शांतिनिकेतन मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के सभागार में जन-कल्याणकारी स्वास्थ्य पहल ‘एकदुनिया डिजिटल अस्पताल’ की शुरुआत की गई। इस डिजिटल तकनीक आधारित पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों तक स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुलभ, सरल और मानवीय रूप से पहुँचाना है।
प्रमुख हस्तियों की गरिमामयी उपस्थिति
इस कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ डॉ. दिनेश उपाध्याय ने किया। इस अवसर पर राज्य के पूर्व डीएचएस (DHS) तथा अस्पताल के सलाहकार डॉ. अजय चक्रवर्ती, निदेशक प्रोफेसर डॉ. अशोक कुमार दत्त, प्रिंसिपल प्रोफेसर डॉ. प्रबीर सेनगुप्ता, एमएसवीपी (MSVP) प्रोफेसर डॉ. प्रदीप कुमार बनर्जी, सीईओ डॉ. हिमाद्री आरी सहित कई प्रतिष्ठित चिकित्सक और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
स्वास्थ्य सेवा को तकनीक से जोड़ने पर जोर
डॉ. अशोक कुमार दत्त ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएँ केवल बड़े अस्पतालों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। तकनीक की मदद से दूर-दराज के इलाकों तक चिकित्सीय परामर्श और स्वास्थ्य संबंधी सहायता पहुँचाना जरूरी है।
डॉ. अजय चक्रवर्ती ने अपने विचार रखते हुए कहा कि चिकित्सा को केवल चार दीवारों के भीतर तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि तकनीक के जरिए इसे लोगों के अपने गाँवों तक पहुँचना चाहिए।
डॉ. दिनेश उपाध्याय ने अपने उद्घाटन भाषण में कहा कि देश का वास्तविक विकास तभी संभव है जब समाज के अंतिम व्यक्ति तक उसका लाभ पहुँचे। उन्होंने ‘अंत्योदय’ की भावना को विकास का वास्तविक आधार बताया।
क्या है ‘एकदुनिया डिजिटल अस्पताल’ की विशेषता?
इस डिजिटल पहल के माध्यम से निम्नलिखित सेवाओं पर विशेष जोर दिया गया है:
डिजिटल चिकित्सा सहायता और स्वास्थ्य संबंधी सही जानकारी।
अस्पतालों और डॉक्टरों के साथ सीधा संपर्क स्थापित करना।
जाँच-पड़ताल और दवाइयों से जुड़ी सहायता।
आपातकालीन परिस्थितियों में तुरंत आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान करना।
कार्यक्रम के अंत में प्रधानमंत्री के जन्मदिन को जनसेवा से जोड़ते हुए डॉ. उपाध्याय ने कहा कि किसी व्यक्ति का जन्मदिन तभी सार्थक होता है जब वह दिन दूसरों के जीवन में उम्मीद की एक नई किरण लेकर आए। उन्होंने देशप्रेम, एकता और मानवीय मूल्यों के साथ समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए आगे आने का आह्वान किया।
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