Commonwealth Games :एशियन गेम्स की तैयारियों में जुटी भारतीय टेबल टेनिस टीम के लिए दिल्ली से एक बेहद शानदार और राहत भरी खबर सामने आई है। त्यागराज स्टेडियम में आयोजित ‘कॉमनवेल्थ टेबल टेनिस चैंपियनशिप’ में भारतीय खिलाड़ियों ने अपना दबदबा कायम रखते हुए पुरुष और महिला—दोनों टीम इवेंट्स में स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया है।
दोनों ही श्रेणियों के फाइनल मुकाबले में भारत का सामना मलेशिया से था, जहाँ भारतीय पैडलर्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दोहरे सोने पर कब्जा जमाया।
1. महिला टीम की एकतरफा जीत (3-0)
महिला वर्ग के फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने मलेशियाई खिलाड़ियों को संभलने का कोई मौका नहीं दिया और 3-0 से एकतरफा जीत दर्ज की।
पहला मैच: स्वस्तिका घोष ने एई शिन टी को 11-7, 11-2, 9-11, 11-9 से हराकर भारत को शुरुआती बढ़त दिलाई।
दूसरा मैच: श्रीजा अकुला ने कड़े मुकाबले में कैरेन अनक को 9-11, 11-6, 11-4, 5-11, 11-3 से परास्त किया।
तीसरा मैच: यशस्वीनी घोरपड़े ने एलिस ली के खिलाफ 7-11, 11-3, 17-15, 11-5 से मुकाबला जीतकर भारत की खिताबी जीत पर मुहर लगा दी।
पुरानी हार का हिसाब चुकता: बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स के क्वार्टर फाइनल में भारतीय महिला टीम को मलेशिया के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। इस शानदार जीत के साथ श्रीजा और उनकी टीम ने उस हार का हिसाब भी बराबर कर लिया। इस टीम में सुतीर्था मुखर्जी और सिंड्रेला दास भी शामिल थीं, हालांकि वे फाइनल मैच में नहीं उतरीं।
2. पुरुष टीम का रोमांचक मुकाबला (3-2)
महिला टीम के विपरीत, भारतीय पुरुष टीम को स्वर्ण पदक तक पहुँचने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। मुकाबला आखिरी मैच तक गया, जहाँ भारत ने 3-2 से रोमांचक जीत दर्ज की।
शुरुआती बढ़त: मानव ठक्कर और मानुष शाह ने अपने-अपने एकल मैच जीतकर भारत को 2-0 की मजबूत बढ़त दिलाई। मानव ने जावेन चुंग और मानुष ने किउ शेन ओंग को हराया।
मलेशिया की वापसी: इसके बाद जी. साथियान और मानव ठक्कर अपने-अपने मैच हार गए, जिससे मलेशिया ने 2-2 से बराबरी कर ली।
निर्णायक मुकाबला: दबाव के क्षणों में मानुष शाह ने शानदार खेल दिखाया और निर्णायक मैच में चुंग को सीधे सेटों में 11-7, 11-4, 11-4 से हराकर भारत की झोली में दूसरा सोना डाल दिया।
एशियन गेम्स से पहले बढ़ा मनोबल
बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स के बाद इस बार मुख्य गेम्स से टेबल टेनिस को हटा दिया गया था, लेकिन ग्लासगो में गेम्स के दौरान ही दिल्ली में इस चैंपियनशिप का आयोजन किया गया।
भारतीय टीम की इस दोहरी सफलता पर कोच सौरभ चक्रवर्ती ने खुशी जताते हुए कहा:
“टीम में कई युवा खिलाड़ी शामिल हैं। ऐसे युवा खिलाड़ियों के साथ कॉमनवेल्थ स्तर पर चैंपियन बनना बेहद सकारात्मक संकेत है। आगामी एशियन गेम्स से ठीक पहले मिली यह जीत पूरी टीम के आत्मविश्वास को कई गुना बढ़ाएगी।”
टीम इवेंट्स में ऐतिहासिक सफलता हासिल करने के बाद, भारतीय खिलाड़ी अब सिंगल्स और डबल्स कैटेगरी के मुकाबलों में अपना जलवा दिखाने के लिए मैदान में उतरेंगे।
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