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Bar tailed Godwit:कुदरत का करिश्मा!!! मात्र 4 महीने के ‘B-6’ पक्षी ने 11 दिन लगातार उड़कर बनाया विश्व रिकॉर्ड!!!

Bar tailed Godwit:आसमान की ऊंचाइयों में कब, कौन, कैसा इतिहास लिख दे, यह कह पाना मुश्किल है। लेकिन हाल ही में एक नन्हे परिंदे ने वह कर दिखाया है जिसकी कल्पना भी इंसानों के लिए नामुमकिन सी लगती है। अलास्का से उड़कर तस्मानिया तक का सफर… वो भी बिना एक सेकंड रुके! जी हां, ‘बार-टेल गॉडविट’ (Bar-Tailed Godwit) प्रजाति के मात्र चार महीने के एक बच्चे, जिसका नाम वैज्ञानिकों ने ‘B-6’ रखा है, ने बिना रुके सबसे लंबी उड़ान का एक नया विश्व रिकॉर्ड कायम कर दिया है। इसके साथ ही इस नन्हे जांबाज का नाम ‘गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ में दर्ज हो गया है।

11 दिन, 13,560 किलोमीटर और सिर्फ एक उड़ान!

गवेषकों (researchers) के मुताबिक, ‘B-6’ ने अपनी यह ऐतिहासिक यात्रा 13 अक्टूबर को अलास्का के कुसकोक्विम डेल्टा (Kuskokwim Delta) से शुरू की थी। इसके बाद शुरू हुआ कुदरत का सबसे हैरतअंगेज सफर। यह नन्हा पक्षी प्रशांत महासागर के ऊपर से लगातार 11 दिन और 1 घंटे (कुल 265 घंटे) तक बिना कहीं रुके, बिना कुछ खाए-पिए उड़ता रहा और 25 अक्टूबर को ऑस्ट्रेलिया के तस्मानिया पहुंच गया। इस दौरान उसने 13,560 किलोमीटर (8,425 मील) की दूरी तय की।

कैसे टूटते गए पुराने रिकॉर्ड्स?

यह पहली बार नहीं है जब इस प्रजाति के पक्षियों ने वैज्ञानिकों को चौंकाया है, लेकिन ‘B-6’ ने सबको पीछे छोड़ दिया:

साल 2007: ‘E-7’ नाम की एक मादा गॉडविट ने अलास्का से न्यूजीलैंड तक 7,257 मील की दूरी 8 दिनों से कुछ अधिक समय में तय कर पहला बड़ा रिकॉर्ड बनाया था।

साल 2020: 13 साल बाद, ‘4-BBRW’ नाम के एक नर गॉडविट ने 11 दिनों में 7,456 मील उड़कर उस रिकॉर्ड को तोड़ा।

अब (B-6 का धमाका): मात्र दो साल के भीतर ही, सिर्फ 4 महीने की उम्र वाले ‘B-6’ ने इन दोनों रिकॉर्ड्स को ध्वस्त कर इतिहास के पन्नों में अपना नाम स्वर्णिम अक्षरों से लिखवा लिया।

बार-टेल गॉडविट’: जानिए इस अनोखे पक्षी के बारे में

यह तटीय इलाकों में पाया जाने वाला एक मध्यम से बड़े आकार का जलचर पक्षी है, जिसका वैज्ञानिक नाम ‘लिमोसा लापोनिका’ (Limosa lapponica) है।

शारीरिक बनावट: पूर्ण विकसित होने पर इनकी लंबाई 13 से 16 इंच और पंखों का फैलाव लगभग 29 इंच होता है। इनके शरीर का रंग चितकबरा भूरा और पेट का हिस्सा हल्का होता है।

 

विशेषता: इनकी सबसे बड़ी खूबी इनकी लंबी और पतली चोंच है। इसी चोंच की मदद से ये तटीय इलाकों की गीली मिट्टी और कीचड़ के अंदर से घोंघे, छोटे केकड़े और कीड़े-मकोड़े निकालकर खाते हैं।

क्या है इनका रास्ता? (इस्ट एशियन-ऑस्ट्रेलियाई फ्लाईवे)

वैज्ञानिकों के अनुसार, हर साल लाखों प्रवासी पक्षी ‘इस्ट एशियन-ऑस्ट्रेलियन फ्लाईवे’ (East Asian-Australasian Flyway) नाम के एक विशाल हवाई मार्ग का उपयोग करते हैं। यह रास्ता अलास्का, पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड को जोड़ता है। बार-टेल गॉडविट की एक उपप्रजाति जिसे ‘लिमोसा लैपोनिका बाउएरी’ कहा जाता है, पश्चिमी अलास्का में प्रजनन करती है और सर्दियों से बचने के लिए न्यूजीलैंड और दक्षिण-पूर्वी ऑस्ट्रेलिया चली जाती है। करीब 3.25 लाख गॉडविट इस रास्ते का इस्तेमाल करते हैं, जिनमें से लगभग 1.5 लाख इसी उपप्रजाति के हैं।

यात्रा के दो दिलचस्प चरण:

उत्तर की ओर यात्रा (आगमन): सैटेलाइट ट्रांसमीटर से पता चला है कि जब ये पक्षी ऑस्ट्रेलिया या न्यूजीलैंड से अलास्का की तरफ जाते हैं, तो दो चरणों में उड़ते हैं। पहले चरण में ये चीन और कोरियाई प्रायद्वीप के बीच स्थित ‘येलो सी’ (Yellow Sea) तक लगभग 6,200 मील बिना रुके उड़ते हैं (6 से 8 दिन)। वहां कुछ हफ्ते आराम करने के बाद दूसरे चरण में अलास्का पहुंचते हैं।

 

दक्षिण की ओर वापसी (प्रत्यावर्तन): लेकिन जब ये अलास्का से वापस लौटते हैं, तो प्रशांत महासागर के ऊपर बिना किसी पड़ाव के सीधे अपने गंतव्य तक उड़ते हैं। इस लंबी यात्रा में प्रशांत महासागर के ऊपर चलने वाली अनुकूल और शक्तिशाली हवाएं इनकी मदद करती हैं, जिससे ये 34 मील प्रति घंटे की औसत रफ्तार से उड़ पाते हैं।

वैज्ञानिकों ने कैसे रखा इस पर नजर?

यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (USGS), मैक्स प्लैंक इंस्टीट्यूट और यूएस फिश एंड वाइल्डलाइफ सर्विस के संयुक्त शोध के तहत अलास्का के नोम (Nome) क्षेत्र में कुछ छोटे गॉडविट पक्षियों के शरीर पर 5 ग्राम का सौर ऊर्जा से चलने वाला (solar-powered) सैटेलाइट ट्रांसमीटर लगाया गया था। ‘B-6’ भी इसी समूह का हिस्सा था, जिसकी बदौलत वैज्ञानिक उसकी इस पूरी जादुई यात्रा को ट्रैक करने में सफल रहे।

विशेषज्ञों की राय:

जीवन की पहली ही प्रवासी यात्रा में इतनी कठिन दूरी को सफलतापूर्वक पार करना प्रकृति के सबसे बड़े चमत्कारों में से एक है। बिना रुके हजारों किलोमीटर समुद्र के ऊपर उड़ने के लिए असाधारण शारीरिक क्षमता, सटीक दिशा-ज्ञान (navigation skills) और मौसम का सही इस्तेमाल करने की कला—इन तीनों के तालमेल ने ही ‘बार-टेल गॉडविट’ को दुनिया का सबसे बेहतरीन लॉन्ग-डिस्टेंस रनर (उड़ने वाला) बना दिया है।

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