Tourist spot:क्या पूजा के शोर-शराबे और भीड़-भाड़ के बीच आपका मन भी किसी पिंजरे में बंद पंछी की तरह बेचैन हो उठता है? क्या आपको ऐसा महसूस होता है कि शहर की इस भागदौड़ में खुला आसमान कहीं खो गया है? इस बार पूजा की छुट्टियों में पुरानी और घिसी-पिटि परंपरा को तोड़िए! कंधे पर बाइनोकुलर और कैमरा लटकाकर निकल पड़िए प्रकृति की गोद में, जहाँ कान पड़ते ही तरह-तरह के पक्षियों की चहचहाहट और उनके पंखों की फड़फड़ाहट सुनाई देती है।

यहाँ पूर्वी भारत के 11 सबसे बेहतरीन बर्डिंग स्पॉट्स की सूची दी गई है:
1. गजोबा (Gajoldoba)
तीस्ता बैराज के शांत और नीले पानी में दूर-दूर से आने वाले प्रवासी पक्षियों का राज रहता है। यहाँ नदी के शांत पानी में नाव पर सवार होकर पक्षियों की तस्वीरें लेने और उन्हें निहारने का अनुभव बेहद खास होता है।
प्रमुख पक्षी: बार-हेडेड गूज, रडी शेलडक, नॉर्दर्न पिन्टेल।
2. लावा और नेओरा वैली (Lava & Neora Valley)
पहाड़ों के ऊपर घने कोहरे से लिपटे पाइन और ओक के जंगल। यहाँ का हर एक पेड़ पक्षियों के संगीत से गूंजता रहता है। पहाड़ियों की ठंडी हवाओं के बीच इस शांत जंगल में कदम रखते ही आपको दुर्लभ पक्षियों की सुंदर आवाजें सुनाई देंगी।
प्रमुख पक्षी: सैटिर ट्रैगोपन, स्कारलेट फिंच, रुफस नेक्ड हॉर्नबिल।

3. लातापंचार, कर्सियांग (Latpanchar)
महानंदा अभयारण्य की गोद में बसा एक छोटा सा पहाड़ी गाँव, जो पक्षी प्रेमियों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है। चाय के बागानों के बीच कच्चे रास्तों पर चलते हुए अचानक आपकी निगाहें किसी बेहद खूबसूरत पंख वाले पक्षी पर ठहर जाएंगी।
प्रमुख पक्षी: रुफस नेक्ड हॉर्नबिल, एशियन पैराडाइज फ्लाईकैचर, ग्रेट बारबेट।
4. मंगलाजोड़ी, चिल्का (Manglajodi, Odisha)
कभी शिकारियों का गढ़ रहा यह गाँव आज प्रवासी पक्षियों का एक सुरक्षित अभयारण्य बन चुका है। चिल्का झील के उथले पानी में नाव पर बैठकर हजारों बत्तखों और जलपक्षियों के बीच घूमने का रोमांच ही अलग है।
प्रमुख पक्षी: ब्लैक-टेल्ड गॉडविट, पर्पल स्वॉम्पहेन, ग्लॉसी इबिस।
5. चुपिचर, पूर्बस्थली (Chupir Char)
कोलकाता के बेहद करीब, गंगा नदी के एक मोड़ पर बनी यह एक अद्भुत घोड़े की नाल के आकार (ऑक्स-बो) की झील है। सर्दियों की शुरुआत के साथ ही यहाँ विदेशी मेहमान पक्षियों का मेला लग जाता है, और यहाँ के शांत पानी में बोटिंग करना मन को तरोताजा कर देता है।
प्रमुख पक्षी: रेड-क्रेस्टेड पोचार्ड, कॉटन पिग्मी गूज, ब्रॉन्ज-विंडेड जैकाना।

6. कुलिक पक्षी अभयारण्य, रायगंज (Kulik Bird Sanctuary)
यह एशिया के सबसे बड़े प्राकृतिक पक्षी अभयारण्यों में से एक है! कुलिक नदी के तट पर हजारों की संख्या में ओपन-बिल स्टॉर्क (शामुखखोल) और बगुलों की आवाजें और उनके पंखों की फड़फड़ाहट आपको मंत्रमुग्ध कर देंगी।
प्रमुख पक्षी: एशियन ओपन-बिल स्टॉर्क, ब्लैक-क्राउंड नाइट हेरॉन, लिटिल Cormorant।

7. सुंदरबन (Sundarbans)
नदियों और मैंग्रोव के जंगलों की इन खाड़ियों में केवल रॉयल बंगाल टाइगर ही नहीं, बल्कि रंग-बिरंगे अनोखे किंगफिशर (रामचिरैया) और तरह-तरह के बत्तख-बगुले भी छिपे हुए हैं। लॉन्च से खाड़ियों के बीच सफर करते हुए इन्हें देखने का रोमांच अनोखा होता है।
प्रमुख पक्षी: ब्राउन-विंडेड किंगफिशर, ब्लैक-कैप्ड किंगफिशर, एशियन डाउइचर।

8. रसिकबिल, कूचबिहार (Rasikbil)
चारों तरफ हरियाली और एक विशाल जलाशय से घिरा यह एक शांत स्थान है। उत्तर बंगाल की इस झील के पास कुछ समय बिताते ही शहर की सारी थकान और तनाव पल भर में गायब हो जाएगा।
प्रमुख पक्षी: लेसर व्हिसलिंग डक, कैटल इग्रेट, लिटिल कोरमोरेंट।
9. चिंतामणि कर बर्ड सैंचुरी, नरेंद्रपुर (Chintamani Kar Bird Sanctuary)
क्या आप कोलकाता छोड़कर शहर से दूर नहीं जा पा रहे हैं? चिंता मत कीजिए, शहर की सीमा के भीतर ही पक्षियों का यह प्यारा ठिकाना मौजूद है। यह छोटा सा जंगल बर्डिंग के लिए किसी सीक्रेट डेस्टिनेशन से कम नहीं है।
प्रमुख पक्षी: एशियन पैराडाइज फ्लाईकैचर, टिक्केल्स ब्लू फ्लाईकैचर, ब्राउन हॉक आउल।
10. सांतरागाछी झील (Santragachhi Jheel)
शहरी कंक्रीट के जंगलों और भारी ट्रैफिक के बीच स्थित यह एक बेहद खूबसूरत झील है। हजारों मील का सफर तय करके आने वाले प्रवासी पक्षियों की चहचहाहट से यहाँ की सर्द सुबहें गुलजार हो जाती हैं।
प्रमुख पक्षी: गैडवाल, नॉर्दर्न पिन्टेल, नॉब-बिल्ड डक।
11. बेतला नेशनल पार्क और नेतरहाट (Betla National Park & Netarhat)
छोटा नागपुर पठार के पहाड़ी सखुआ (साल) के जंगलों में ट्रेकिंग करने के साथ-साथ पक्षियों को देखने का एक बेहतरीन मौका मिलता है। पहाड़ों का खूबसूरत सूर्यास्त और पक्षियों का कलरव—वीकेंड की छुट्टियों के लिए एकदम सही मेल है!
प्रमुख पक्षी: इंडियन नाइटजार, स्ट्राइप-थ्रोटेड बुलबुल, रेड जंगलफाउल।
इस बार अपनी छुट्टियों के शोरगुल को पक्षियों के मधुर संगीत में बदल डालिए। प्रकृति के इन सुंदर नजारों के बीच समय बिताकर पक्षियों की परियों जैसी कहानियाँ समेट कर वापस लौटिए।





