CBSE RESULT:केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा घोषित कक्षा 12वीं के परिणामों में हुगली जिले के टेक्नो इंडिया पब्लिक स्कूल, चूंचुड़ा ने अपनी सफलता का परचम लहराया है। स्कूल के बेहतरीन प्रदर्शन ने न केवल जिले बल्कि पूरे राज्य का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। इस वर्ष स्कूल के तीनों विभागों (विज्ञान, वाणिज्य और कला) के सभी 218 छात्र सफलतापूर्वक उत्तीर्ण हुए हैं, जिससे स्कूल का परिणाम 100 प्रतिशत रहा।
मेधावी छात्रों का शानदार प्रदर्शन
स्कूल के छात्रों ने अंकों के मामले में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। इस साल स्कूल के टॉपर अवीक गुछैत रहे, जिन्होंने 500 में से 491 अंक (98.2%) हासिल कर स्कूल का नाम रोशन किया।
स्कूल की सफलता के कुछ प्रमुख आंकड़े इस प्रकार हैं:
कुल परीक्षार्थी: 218 (सभी उत्तीर्ण)
95% से अधिक अंक: 14 छात्र
90% से 98% के बीच अंक: 31 छात्र
टॉपर्स की सूची में शामिल प्रमुख नाम:
अवीक गुछैत के अलावा जयदेव दास (488 अंक), सूर्यायु सान्याल (486 अंक), रुचिरा मुखर्जी (483 अंक) और असीन मंडल (481 अंक) ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर शीर्ष पांच में अपनी जगह बनाई है।
भव्य सम्मान समारोह का आयोजन
गुरुवार को स्कूल परिसर के ऑडिटोरियम में एक विशेष संवर्धन (सम्मान) समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य देबायन दत्त और शिक्षकों ने मेधावी छात्रों को मिठाई, फूलों के गुलदस्ते और उपहार देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र और अभिभावक उपस्थित थे, जिन्होंने इस गौरवपूर्ण क्षण का आनंद लिया।
सफलता का सूत्र: शिक्षकों और छात्रों का साझा प्रयास
विद्यालय की इस उपलब्धि पर प्रधानाचार्य देबायन दत्त ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह सफलता किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि छात्रों, शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों के संयुक्त प्रयास का परिणाम है।
उन्होंने सफलता के पीछे की रणनीति साझा करते हुए बताया:
“हम कक्षा 10वीं के बाद से ही छात्रों पर विशेष ध्यान देना शुरू कर देते हैं। उनकी प्रतिभा के अनुसार उन्हें विज्ञान, कला और वाणिज्य विभागों में बांटकर विशेष मार्गदर्शन दिया जाता है। शिक्षकों की कड़ी मेहनत और छात्रों के निरंतर अध्ययन ने ही इस अपेक्षित परिणाम को संभव बनाया है।”
अभिभावकों ने भी स्कूल प्रशासन और शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया है। टॉपर अवीक की माता ने स्वयं स्कूल पहुंचकर प्रधानाचार्य को धन्यवाद दिया। इस सफलता ने स्कूल के जूनियर छात्रों को भी भविष्य में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया है।
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