Tips to Manage: सर्दियों के दौरान बच्चे को स्वस्थ रखने और एलर्जी के लक्षणों को कम करने के लिए यहाँ कुछ सुझाव दिए गए हैं:
घर को स्वच्छ और एलर्जी-मुक्त रखें
सफाई: अपने घर को धूल-मुक्त रखने की पूरी कोशिश करें। धूल के कण (Dust Mites) और पालतू जानवरों के रोएं (Dander) इनडोर एलर्जी के मुख्य कारण हैं।
कालीन, गलीचे और सोफे जैसे सामानों को HEPA फिल्टर वाले वैक्यूम क्लीनर से नियमित रूप से साफ करें।
बिस्तर की चादरें, तकिए के गिलाफ और कंबल को बार-बार गर्म पानी में धोएं।
घर की सतहों को पोंछने के लिए सूखे कपड़े की जगह नम कपड़े का इस्तेमाल करें, ताकि धूल के कण हवा में न फैलें।
हवा की गुणवत्ता:
बच्चे के कमरे में HEPA फिल्टर वाला एयर प्यूरीफायर (Air Purifier) इस्तेमाल करने से हवा से धूलकण और एलर्जी पैदा करने वाले तत्वों को हटाने में मदद मिल सकती है।
कमरे में ह्यूमिडिफायर (Humidifier) का उपयोग करें, क्योंकि सूखी हवा से त्वचा और श्वसन मार्ग में रूखापन आ सकता है, जिससे एलर्जी की प्रवृत्ति बढ़ सकती है। हालांकि, आर्द्रता (Humidity) का स्तर बहुत ज़्यादा न हो, क्योंकि इससे फफूंदी (Mold) और फंगस पनप सकते हैं।
धूम्रपान से बचें: बच्चे के आस-पास धूम्रपान न करें, क्योंकि यह श्वसन संबंधी समस्याओं और एलर्जी को बढ़ा सकता है।
ठंड से बचाव और व्यक्तिगत देखभाल
गर्म रखें: बच्चे को हमेशा गरम और पूरे कपड़े पहनाएं। यह सुनिश्चित करें कि उन्हें ठंड न लगे।
गर्म पानी: बच्चे को पीने के लिए गुनगुना पानी दें। ठंडी चीज़ें, जैसे कोल्ड ड्रिंक्स या आइसक्रीम, देने से बचें।
हाथ धोना: जुकाम और संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए नियमित रूप से हाथ धोने की आदत डालें।
मास्क का उपयोग: यदि बच्चे को धूल या प्रदूषण से एलर्जी है, तो बाहर निकलते समय उसे मास्क पहनाना फायदेमंद हो सकता है।
आहार और रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity)
संतुलित आहार: बच्चे को सभी तरह का पौष्टिक भोजन दें, जिसमें दाल, चावल, रोटी, सब्ज़ी, और मौसमी फल शामिल हों।
विटामिन C: विटामिन C युक्त फल (जैसे संतरे, आलूबुखारा) खिलाएं, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में मदद करते हैं और एलर्जी की गंभीरता को कम कर सकते हैं।
मसाले और जड़ी-बूटियाँ: अदरक, हल्दी, काली मिर्च, तुलसी और शहद जैसे प्राकृतिक तत्वों का उपयोग करें।
सर्दी-खांसी से राहत के लिए शहद और तुलसी का मिश्रण दिन में दो बार दिया जा सकता है (एक साल से बड़े बच्चों को)।
आप दालचीनी, छोटी इलायची, अदरक और लौंग को उबालकर, छानकर वह पानी भी बच्चे को पीने के लिए दे सकते हैं।
हाइड्रेटेड रखें: बच्चे को पर्याप्त मात्रा में पानी पिलाना बहुत ज़रूरी है, क्योंकि डिहाइड्रेशन (Dehydration) से खांसी, खुजली और नाक बहने की समस्या बढ़ सकती है।
चिकित्सीय सलाह
डॉक्टर से परामर्श: यदि बच्चे को लगातार छींक, खांसी, नाक बहना, आंखों में जलन या सांस लेने में तकलीफ हो रही है, तो समय पर बाल रोग विशेषज्ञ (Pediatrician) से परामर्श लें।
दवाएँ: यदि बच्चे को अस्थमा (Asthma) या एलर्जिक राइनाइटिस (Allergic Rhinitis) की समस्या है, तो डॉक्टर के निर्देशानुसार इनहेलर (Inhaler) और अन्य दवाएँ दें।
इम्यूनोथेरेपी: यदि लक्षण गंभीर हैं, तो डॉक्टर एलर्जी शॉट्स या इम्यूनोथेरेपी (Immunotherapy) का सुझाव दे सकते हैं।
और पढ़ें: बाँकुरा की बेटियों ने उमलिंग ला पास किया फतह, ‘इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ में दर्ज कराया नाम






[…] और पढ़ें: सर्दियों में बच्चों को स्वस्थ रखने और … […]