Home Blog Page 28

बाँकुड़ा: प्रकृति, इतिहास और संस्कृति का अद्भुत संगम

Unveiling Susunia | A Summer Escape to Nature's Embrace in Bankura

Unveiling Susunia: गर्मी की छुट्टियों में अगर आप प्रकृति की गोद में सुकून के कुछ पल बिताना चाहते हैं, तो पश्चिम बंगाल का बाँकुड़ा जिला आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है। यह जिला अपने मनोरम पहाड़ी दृश्यों, कलकल करती झरनों, घने जंगलों, रहस्यमयी सुरंगों और प्राचीन गुफाओं के साथ पर्यटकों को एक अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करता है।

यहाँ का मुख्य आकर्षण है सुশুनिया पहाड़, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक महत्व के लिए जाना जाता है। सपने जैसे सुंदर पहाड़ और उनसे बहते झरने किसी का भी मन मोह सकते हैं। पहाड़ों को घेरे हुए हरी-भरी वनस्पति इस स्थान की सुंदरता में चार चांद लगा देती है।

प्रकृति, इतिहास और संस्कृति का अद्भुत संगम:

सुशुनिया के आसपास के आदिवासी गाँव अपनी रंगीन दीवारों और पारंपरिक कलाकृतियों से एक अलग ही दुनिया का अनुभव कराते हैं। यहाँ की दीवारों पर बने भेषज रंगों के चित्र प्रागैतिहासिक युग की याद दिलाते हैं। इसके अलावा, यहाँ कई प्राचीन मंदिर भी हैं, जिनका अपना ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व है।

जो लोग एडवेंचर के शौकीन हैं, उनके लिए सुशुनिया में ट्रेकिंग की भी व्यवस्था है। घने जंगलों और पथरीले रास्तों से होकर गुजरना एक रोमांचक अनुभव होता है।

गर्मियों की शुरुआत सुशुनिया घूमने का सबसे अच्छा समय है। इन दिनों मौसम सुहावना रहता है और पहाड़ियों पर छाई धुंध एक अद्भुत दृश्य प्रस्तुत करती है। पर्यटकों की हल्की भीड़ के बीच आप इस ऐतिहासिक पहाड़ी के शांत वातावरण का आनंद ले सकते हैं।

सुशुनिया पहाड़ के पास ठहरने के लिए कई विकल्प मौजूद हैं। मरूतबाह इकोपार्क से लेकर युवा आवास तक, यहाँ 300 रुपये से शुरू होने वाले बजट-फ्रेंडली आवास उपलब्ध हैं।

कोलकाता से बाँकुड़ा स्टेशन के लिए सीधी ट्रेनें चलती हैं। बाँकुड़ा से बस या कार द्वारा छातना होते हुए आसानी से सुशुनिया पहुँचा जा सकता है। दो दिन का समय निकालकर आप यहाँ के पहाड़, झरने, भरतपुर जैसे प्रमुख स्थानों का भ्रमण कर सकते हैं।

सुशुनिया पहाड़ का एक महत्वपूर्ण आकर्षण नरसिंह मंदिर है, जो पहाड़ पर चढ़ने वाले मुख्य रास्ते के पास स्थित है। इस मंदिर से जुड़ी कई लोककथाएं और मान्यताएं प्रचलित हैं। मंदिर के ठीक सामने एक छोटा सा झरना सदियों से बह रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह झरना कभी नहीं सूखता। दिलचस्प बात यह है कि सर्दियों में इस झरने से गर्म पानी निकलता है, जबकि गर्मियों में ठंडा पानी बहता है। झरने के पास ही एक तालाब है, जिसे स्थानीय भाषा में ‘गढ़’ कहा जाता है। झरने का पानी इसी तालाब में जमा होता है, लेकिन इसका जलस्तर कभी एक निश्चित सीमा से ऊपर नहीं जाता।

इतिहास प्रेमियों के लिए सुशुनिया पहाड़ के पश्चिमी छोर पर एक दुर्गम गुफा में चंद्र बर्मा का शिलालेख मौजूद है, जो इस क्षेत्र के प्राचीन इतिहास की झलक दिखाता है। इसके अलावा, सुशुनिया पहाड़ अपनी समृद्ध वनस्पति के लिए भी जाना जाता है। यहाँ कई अज्ञात औषधीय पौधे पाए जाते हैं।

कुल मिलाकर, बाँकुड़ा जिले का सुशुनिया पहाड़ प्रकृति, इतिहास और आदिवासी संस्कृति का एक अनूठा संगम है। गर्मी की छुट्टियों में इस खूबसूरत जगह की यात्रा आपको तरोताजा और आनंदित कर देगी। यह एक ऐसा पर्यटन केंद्र है जहाँ आपको एक साथ आदिবাসী संस्कृति, प्रागैतिहासिक पृष्ठभूमि, औषधीय पौधों का खजाना और अद्भुत प्राकृतिक सौंदर्य देखने को मिलेगा। तो, इस गर्मी की छुट्टियों में बाँकुड़ा के सुशुनिया पहाड़ की यात्रा की योजना बनाना एक शानदार विचार हो सकता है!

और पढ़ें: पुरुलिया में जापानी प्रशिक्षकों द्वारा कराटे प्रशिक्षण: जंगलमहल का बढ़ता कदम

सुबह खाली पेट करी पत्ता चबाने के फायदे: कई बीमारियों से मुक्ति का आसान तरीका

Unlock a Healthier You | The Simple Power of Chewing Curry Leaves on an Empty Stomach

Unlock a Healthier You: प्रकृति ने हमें अनगिनत औषधीय गुणों से भरपूर पौधों का खजाना दिया है। इनमें से एक है करी पत्ता, जो न केवल हमारे व्यंजनों को स्वादिष्ट बनाता है, बल्कि सेहत के लिए भी कई तरह से फायदेमंद है। खासकर, सुबह खाली पेट करी पत्ता चबाना एक प्राचीन और प्रभावी तरीका है जिससे कई बीमारियों से मुक्ति पाई जा सकती है।

आइए जानते हैं इसके कुछ अद्भुत फायदों के बारे में:

पाचन क्रिया को सुधारे: सुबह खाली पेट करी पत्ता चबाने से पाचन एंजाइम उत्तेजित होते हैं। यह भोजन को आसानी से पचाने में मदद करता है और कब्ज, एसिडिटी और पेट फूलने जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है। करी पत्ते में मौजूद फाइबर आंतों को स्वस्थ रखता है और मल त्याग को नियमित करता है।

ब्लड शुगर को नियंत्रित करे: मधुमेह आज एक आम समस्या बन गई है। करी पत्ता इसमें भी लाभकारी सिद्ध हो सकता है। यह रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है। करी पत्ते में मौजूद तत्व इंसुलिन की संवेदनशीलता को बढ़ाते हैं, जिससे शरीर में ग्लूकोज का बेहतर उपयोग हो पाता है। नियमित रूप से खाली पेट करी पत्ता चबाने से ब्लड शुगर के स्तर को स्थिर रखने में मदद मिल सकती है।

वजन घटाने में सहायक: यदि आप वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं, तो सुबह खाली पेट करी पत्ता चबाना आपके लिए एक बेहतरीन उपाय हो सकता है। करी पत्ते में मौजूद पोषक तत्व शरीर की अतिरिक्त चर्बी को कम करने में मदद करते हैं। यह मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है और कैलोरी बर्न करने की प्रक्रिया को तेज करता है।

आंखों की रोशनी बढ़ाए: करी पत्ता विटामिन ए का एक समृद्ध स्रोत है, जो आंखों के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। सुबह खाली पेट करी पत्ता चबाने से आंखों की रोशनी में सुधार होता है और रतौंधी जैसी समस्याओं से बचाव होता है। यह आंखों को स्वस्थ और चमकदार बनाए रखने में मदद करता है।

बालों को बनाए स्वस्थ और मजबूत: करी पत्ता बालों के लिए भी एक वरदान है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और पोषक तत्व बालों के रोम को मजबूत बनाते हैं, जिससे बाल झड़ना कम होता है और उनकी ग्रोथ बढ़ती है। यह बालों को घना, चमकदार और स्वस्थ बनाने में मदद करता है। सुबह खाली पेट करी पत्ता चबाने से इसके पोषक तत्व सीधे शरीर में अवशोषित होते हैं, जिससे बालों को अधिक लाभ मिलता है।

त्वचा को रखे स्वस्थ: करी पत्ते में एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण होते हैं, जो त्वचा को संक्रमण से बचाने में मदद करते हैं। यह त्वचा को साफ और स्वस्थ रखने में सहायक है। सुबह खाली पेट इसका सेवन करने से त्वचा में प्राकृतिक चमक आती है और यह मुंहासों और अन्य त्वचा संबंधी समस्याओं से राहत दिला सकता है।

एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर: करी पत्ता एंटीऑक्सीडेंट का एक पावरहाउस है। यह शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाने में मदद करता है, जो कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाकर कई बीमारियों का कारण बन सकते हैं। सुबह खाली पेट करी पत्ता चबाने से शरीर को इन हानिकारक तत्वों से लड़ने की शक्ति मिलती है और यह समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करता है।

कैसे करें सेवन:

सुबह उठकर खाली पेट 8-10 ताजे करी पत्ते अच्छी तरह से धो लें। इन्हें धीरे-धीरे चबाएं और फिर एक गिलास पानी पी लें। नियमित रूप से इस आदत को अपनाने से आप इसके अद्भुत स्वास्थ्य लाभों का अनुभव कर सकते हैं।

यह एक सरल और प्राकृतिक उपाय है जो आपको कई बीमारियों से बचाने और स्वस्थ जीवन जीने में मदद कर सकता है। तो, क्यों न आज से ही सुबह खाली पेट करी पत्ता चबाने की आदत डाली जाए?

और पढ़ें: आईपीएल 2025: कोलकाता नाइट राइडर्स की ‘V3’ तिकड़ी का जलवा, सनराइजर्स हैदराबाद को 80 रनों से रौंदा

छात्रों के उज्जवल भविष्य के लिए शांतिनिकेतन मेडिकल कॉलेज का अभिनव प्रयास

Nurturing Future Healthcare Professionals | Santiniketan Medical College & Hospital Launches Short-Term Courses

Nurturing Future Healthcare Professionals: छात्रों के उज्जवल भविष्य को ध्यान में रखते हुए, शांतिनिकेतन मेडिकल कॉलेज और अस्पताल एक महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रहा है। संस्थान जल्द ही अपने मेडिकल कॉलेज परिसर में स्वास्थ्य सेवा से जुड़े विभिन्न अल्पकालिक पाठ्यक्रम (Short Term Healthcare Courses) शुरू करने की योजना बना रहा है। यह पहल उन छात्रों के लिए एक सुनहरा अवसर साबित होगी जो कम समय में स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं या अपने मौजूदा ज्ञान और कौशल को बढ़ाना चाहते हैं।

आज के प्रतिस्पर्धी युग में, विशेष कौशल और ज्ञान का महत्व सर्वोपरि है। शांतिनिकेतन मेडिकल कॉलेज और अस्पताल द्वारा शुरू किए जा रहे ये अल्पकालिक पाठ्यक्रम छात्रों को विशिष्ट स्वास्थ्य सेवा क्षेत्रों में विशेषज्ञता हासिल करने का मौका देंगे। इन पाठ्यक्रमों को इस प्रकार से डिज़ाइन किया गया है कि छात्रों को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त हो सके। अनुभवी शिक्षकों और स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों द्वारा संचालित ये पाठ्यक्रम छात्रों को उद्योग की नवीनतम तकनीकों और प्रथाओं से अवगत कराएंगे।

शांतिनिकेतन मेडिकल कॉलेज और अस्पताल ने लघु-अवधि पाठ्यक्रम शुरू किए:

यह पहल न केवल छात्रों के करियर की संभावनाओं को उज्जवल करेगी बल्कि उन्हें समाज की सेवा करने के लिए भी तैयार करेगी। स्वास्थ्य सेवा एक ऐसा क्षेत्र है जहाँ कुशल और समर्पित पेशेवरों की हमेशा आवश्यकता रहती है। इन अल्पकालिक पाठ्यक्रमों के माध्यम से, छात्र तेजी से इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में प्रवेश कर सकेंगे और अपना योगदान दे सकेंगे।

शांतिनिकेतन मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का यह प्रयास शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। यह संस्थान हमेशा छात्रों के समग्र विकास और उनके बेहतर भविष्य के लिए प्रतिबद्ध रहा है। इन नए पाठ्यक्रमों की शुरुआत इसी प्रतिबद्धता का एक प्रमाण है।

यदि आप भी स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में एक उज्जवल भविष्य की तलाश में हैं, तो शांतिनिकेतन मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के इन अल्पकालिक पाठ्यक्रमों के बारे में अधिक जानने के लिए आज ही संपर्क करें। यह आपके करियर को एक नई दिशा देने और सफलता की राह पर आगे बढ़ने का एक शानदार अवसर है। विस्तृत जानकारी प्राप्त करें और अपने भविष्य को सुरक्षित करें!

और पढ़ें: पंजाब किंग्स की शानदार जीत: प्रभसिमरन और अय्यर ने लखनऊ को धोया

शरीर सौष्ठव नहीं, खानपान में बदलाव ही असली मंत्र! वजन घटाकर पतला होने के लिए क्या करें? नया दावा

The Real Key to Weight Loss | It’s Not Exercise, It’s Your Plate!

The Real Key to Weight Loss: वजन नियंत्रण में लाने के लिए आजकल कई लोग अचानक से खाना-पीना बंद कर देते हैं। कुछ लोग थोड़ा सा भी खाली समय मिलते ही जिम में जाकर पसीना बहाते हैं। लेकिन फिर भी शिकायत करते हैं, “मेरा वजन कम नहीं हो रहा!”

जीवन की गति जितनी बढ़ रही है, उतना ही काम का बोझ भी बढ़ रहा है। काम का बोझ बढ़ने के कारण बैठने का समय भी बढ़ रहा है। जिन लोगों का काम शारीरिक श्रम से जुड़ा नहीं है, वे और भी अधिक निष्क्रिय होते जा रहे हैं। और इसी के साथ तेजी से बढ़ रहा है शरीर का मोटापा और वजन। और इसे नियंत्रित करने के लिए कई लोग अचानक से खाना-पीना बंद कर देते हैं। कुछ लोग थोड़ा सा भी खाली समय मिलते ही जिम में जाकर पसीना बहाते हैं। लेकिन फिर भी शिकायत करते हैं, “मेरा वजन कम नहीं हो रहा!”

चारों तरफ जब शरीर सौष्ठव के नए-नए तरीके खोजे जा रहे हैं, तभी ‘फ्रीडम फ्रॉम डायबिटीज एंड ओबेसिटी’ के सह-संस्थापक और चिकित्सक मल्हार गानला का कहना है, “यदि आप वास्तव में वजन कम करना चाहते हैं, तो शरीर सौष्ठव करना बंद कर दीजिए।”

शरीर सौष्ठव नहीं, खानपान में बदलाव ही असली मंत्र!

हाल ही में उनके इस दावे ने चारों तरफ हलचल मचा दी है। इतने वर्षों की धारणा के विपरीत क्यों खड़े हुए मल्हार? ट्रायथलॉन के प्रशिक्षक कहते हैं, “जिम में हो या आसपास, ऐसे कितने ही लोगों से मेरी रोज मुलाकात होती है, जो हर दिन कठिन परिश्रम करते हैं, ताकि चर्बी कम हो सके। लेकिन छह महीने बाद मिलने पर वे कहते हैं, एक ग्राम भी वजन कम नहीं हुआ! इसका कारण यह है कि वजन कम करने में शरीर सौष्ठव या व्यायाम की भूमिका बहुत कम है।”

मल्हार बताते हैं कि उन्होंने आज तक 25 हजार से 30 हजार रोगियों का इलाज किया है। उनमें से केवल 10 प्रतिशत ही शरीर सौष्ठव के माध्यम से वजन कम कर पाए हैं। लेकिन बाकी ज्यादातर रोगी (जिनका वजन 80-100 किलो के बीच है) असफल रहे। क्योंकि उनकी मूल समस्या की जड़ में खानपान की आदतें हैं।

गलत खानपान के कारण मांसपेशियों में अतिरिक्त चर्बी जमा होती रहती है। और वे सोचते हैं कि शरीर सौष्ठव करने से वह चर्बी आसानी से कम हो जाएगी। लेकिन शारीरिक गतिविधियां उस तरह से नहीं होती हैं। इसलिए मल्हार ने बताया कि जब तक खानपान को नियंत्रित नहीं किया जाएगा, तब तक वजन कम नहीं किया जा सकता।

चिकित्सक कहते हैं, वजन कम करने का मूल मंत्र है, खानपान पर ध्यान देना। वजन कम करने में बाधा डालने वाले खाद्य पदार्थों को सबसे पहले सूची से हटाना होगा। चर्बी कम करने में सहायक खाद्य पदार्थों को सूची में शामिल करना होगा। उनका दावा है कि एक बार यदि संतुलित आहार की नींव बन जाए, तो छह महीने में 10-15 किलो वजन कम हो सकता है।

मल्हार के अनुसार, पहले चरण में यदि आप सफल होते हैं, तो व्यायाम भी वजन घटाने में उत्प्रेरक का काम करेगा। हालांकि, शुरुआत में कड़ी मेहनत नहीं करनी चाहिए। छोटे-छोटे कदमों से लक्ष्य की ओर बढ़ना होगा। मान लीजिए, सीढ़ियाँ चढ़ने-उतरने की आदत से शुरुआत कर सकते हैं। इसके अगले चरण में हल्का योगासन करना अच्छा है। नियम से इन दो चरणों को पार करने के बाद आप थोड़ा-बहुत शक्ति प्रशिक्षण ले सकते हैं।

तीन चरणों में शरीर सौष्ठव का मुख्य उद्देश्य मांसपेशियों को उत्तेजित करना है। पहले स्वस्थ खानपान, फिर वजन में कमी, फिर धीरे-धीरे शक्ति प्रशिक्षण।

खानपान में बदलाव के मामले में भी चिकित्सक ने कुछ चरणों का पालन करने की सलाह दी है:

जो व्यक्ति खाने के रूटीन में दिन में तीन बार बड़ा भोजन लेते हैं, उन्हें पहले तीन से दो पर आना होगा, फिर दो से एक पर।

वजन कम करने में बाधा डालने वाले खाद्य पदार्थों से बचना होगा।

वजन घटाने में उत्प्रेरक का काम करने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करना होगा।

मांसपेशियों को सक्रिय रखने के लिए हल्का शरीर सौष्ठव करना होगा, कड़ी मेहनत नहीं।

और पढ़ें: शिक्षा में मिठास का नया अध्याय: जन्मदिन उत्सव से स्कूल बना बच्चों का प्रिय स्थान

पुरुलिया में जापानी प्रशिक्षकों द्वारा कराटे प्रशिक्षण: जंगलमहल का बढ़ता कदम

Purulia’s Martial Arts Momentum | Local Youth Embrace Japanese Karate Training

Purulia’s Martial Arts Momentum: अक्सर टेलीविजन पर देखे जाने वाले जापानी प्रशिक्षकों द्वारा अब पुरुलिया में कराटे का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। एक समय था जब जंगलमहल का पुरुलिया क्षेत्र विकास के कई पैमानों पर पीछे रह जाता था, लेकिन आज यह तस्वीर बदल रही है। शिक्षा के साथ-साथ खेलकूद के क्षेत्र में भी इस लाल मिट्टी के जिले ने काफी प्रगति की है। इतना ही नहीं, जिले के लड़के-लड़कियां अब शारीरिक व्यायाम और फिटनेस के प्रति भी जागरूक हो रहे हैं और इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।

इसी कड़ी में, पुरुलिया के युवाओं को अब सीधे जापान के अनुभवी प्रशिक्षकों से कराटे सीखने का सुनहरा अवसर प्राप्त हो रहा है। यह अनूठा प्रशिक्षण कार्यक्रम केउकोशिन केनबुकई इंटरनेशनल समर कैंप और डायनामिक मार्शल आर्ट ट्रेनिंग क्लब के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। इस विशेष प्रशिक्षण शिविर में न केवल पुरुलिया जिले के बल्कि पड़ोसी जिलों और यहां तक कि अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं भाग ले रहे हैं। लगभग 200 उत्साही विद्यार्थी इस कराटे प्रशिक्षण में अपनी प्रतिभा को निखार रहे हैं।

Purulia’s Martial Arts Momentum:

यह आयोजन पुरुलिया के उन युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है जो मार्शल आर्ट और आत्मरक्षा की कला को गंभीरता से सीखना चाहते हैं। जापानी प्रशिक्षकों की उपस्थिति इस प्रशिक्षण को और भी प्रामाणिक और उच्च स्तरीय बनाती है। यह न केवल उन्हें कराटे की तकनीकों का ज्ञान देगा बल्कि जापानी मार्शल आर्ट की संस्कृति और अनुशासन से भी परिचित कराएगा।

पुरुलिया जैसे क्षेत्र में इस तरह के अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण शिविर का आयोजन यह दर्शाता है कि यह क्षेत्र अब केवल पारंपरिक क्षेत्रों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि नए अवसरों और वैश्विक जुड़ाव की ओर भी तेजी से बढ़ रहा है। शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए यह शिविर एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकता है।

संक्षेप में, पुरुलिया में जापानी प्रशिक्षकों द्वारा आयोजित यह कराटे प्रशिक्षण शिविर न केवल जिले के युवाओं के लिए एक शानदार अवसर है, बल्कि यह इस बात का भी प्रमाण है कि जंगलमहल का यह क्षेत्र अब किसी भी क्षेत्र में पीछे रहने को तैयार नहीं है और विकास की नई ऊंचाइयों को छूने के लिए अग्रसर है।

अन्नपूर्णा पूजा | मुखर्जी हाउस में 87वीं पूजा में अभिनेत्री देबाश्री रॉय और सुप्रीम कोर्ट के वकील जॉय दीप मुखर्जी

आईपीएल 2025: कोलकाता नाइट राइडर्स की ‘V3’ तिकड़ी का जलवा, सनराइजर्स हैदराबाद को 80 रनों से रौंदा

Kolkata Knight Riders Decimate Sunrisers Hyderabad in IPL 2025 Showdown

Kolkata Knight Riders: कोलकाता के ईडन गार्डन्स में गुरुवार को आईपीएल 2025 का एक रोमांचक मुकाबला देखने को मिला, जहाँ गत चैंपियन कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) को 80 रनों के विशाल अंतर से करारी शिकस्त दी। इस जीत के पीछे कोलकाता के तीन खिलाड़ियों, जिन्हें ‘V3’ के नाम से जाना जा रहा है – वेंकटेश अय्यर, वैभव अरोड़ा और वरुण चक्रवर्ती, का अहम योगदान रहा।

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी कोलकाता की टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। वेंकटेश अय्यर ने मात्र 29 गेंदों में 60 रनों की तूफानी पारी खेली, जिसमें उन्होंने कई दर्शनीय छक्के और चौके लगाए। युवा बल्लेबाज अंगकृष रघुवंशी ने भी 32 गेंदों में 50 रन बनाकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। अनुभवी अजिंक्य रहाणे ने 38 और रिंकू सिंह ने 32 रनों का योगदान दिया, जिसकी बदौलत KKR ने 20 ओवरों में 200 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया।

IPL 2025 Showdown:

लक्ष्य का पीछा करने उतरी सनराइजर्स हैदराबाद की टीम शुरुआत से ही दबाव में नजर आई। वैभव अरोड़ा ने अपनी शानदार गेंदबाजी से SRH के शीर्ष क्रम को तहस-नहस कर दिया, जिससे हैदराबाद की टीम उबर नहीं पाई। हेनरी क्लासेन ने 21 गेंदों में 33 रनों की पारी खेलकर संघर्ष करने की कोशिश की, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से कोई खास समर्थन नहीं मिला। वरुण चक्रवर्ती ने अपनी फिरकी गेंदबाजी से हैदराबाद के निचले क्रम को ध्वस्त कर दिया और पूरी टीम 16.4 ओवरों में मात्र 120 रनों पर सिमट गई।

कोलकाता की इस जीत में ‘V3’ तिकड़ी का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा। वेंकटेश अय्यर की विस्फोटक बल्लेबाजी, वैभव अरोड़ा की घातक गेंदबाजी और वरुण चक्रवर्ती की जादुई फिरकी ने मैच का रुख पूरी तरह से पलट दिया। इस जीत के साथ KKR ने आईपीएल 2025 में अपनी दावेदारी मजबूत कर ली है। इस मैच ने यह साबित कर दिया कि क्रिकेट एक टीम का खेल है, और जब हर कोई अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करता है, तो जीत निश्चित होती है।

और पढ़ें: स्वास्थ्य सेवा में नए क्षितिज: आधुनिक चिकित्सा के क्षेत्र में नई संभावनाएं

पंजाब किंग्स की शानदार जीत: प्रभसिमरन और अय्यर ने लखनऊ को धोया

Punjab Kings Unleash Power Surge, Demolishing Lucknow Super Giants

Punjab Kings: आईपीएल 2025 में पंजाब किंग्स ने अपनी लगातार दूसरी जीत दर्ज करते हुए लखनऊ सुपर जायंट्स को आठ विकेट से करारी शिकस्त दी। लखनऊ में खेले गए इस मुकाबले में पंजाब किंग्स ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया और लखनऊ को 171 रन पर रोक दिया। जवाब में प्रभसिमरन सिंह और श्रेयस अय्यर की तूफानी बल्लेबाजी के दम पर पंजाब ने 16.2 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया।

लखनऊ की शुरुआत बेहद खराब रही और उन्होंने पावरप्ले में ही अपने तीन महत्वपूर्ण विकेट खो दिए। आयुष बडोनी और निकोलस पूरन ने मिलकर टीम को संभाला और 171 रन तक पहुंचाया। लेकिन पंजाब किंग्स के गेंदबाजों, खासकर अर्शदीप सिंह ने शानदार गेंदबाजी करते हुए लखनऊ के बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।

पंजाब किंग्स की पारी की शुरुआत प्रभसिमरन सिंह ने तूफानी अंदाज में की। उन्होंने मात्र 23 गेंदों में अर्धशतक जड़कर लखनऊ के गेंदबाजों के हौसले पस्त कर दिए। प्रभसिमरन ने अपनी पारी में कई शानदार शॉट लगाए, जिनमें छक्के और चौके शामिल थे। उन्होंने रवि बिश्नोई और एम. सिद्धार्थ जैसे गेंदबाजों को भी नहीं बख्शा।

प्रभसिमरन के आउट होने के बाद श्रेयस अय्यर ने मोर्चा संभाला और उन्होंने भी अर्धशतक जड़कर टीम को जीत दिलाई। अय्यर ने अपनी पारी में संयम और आक्रामकता का बेहतरीन मिश्रण दिखाया। उन्होंने नेहाल वढेरा के साथ मिलकर एक मजबूत साझेदारी बनाई और टीम को जीत की मंजिल तक पहुंचाया।

लखनऊ के गेंदबाजों ने काफी कोशिश की, लेकिन प्रभसिमरन और अय्यर की बल्लेबाजी के आगे उनकी एक न चली। दिग्वेश राठी ने दो विकेट लिए, लेकिन वह भी टीम को हार से नहीं बचा सके।

इस जीत के साथ पंजाब किंग्स ने आईपीएल 2025 में अपनी मजबूत दावेदारी पेश की है। टीम ने दोनों विभागों में शानदार प्रदर्शन किया है और यह दिखाया है कि वे इस सीजन में किसी भी टीम को हराने की क्षमता रखते हैं। प्रभसिमरन सिंह को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए ‘मैन ऑफ द मैच’ चुना गया।

इस जीत से पंजाब किंग्स के फैंस में उत्साह का माहौल है और वे उम्मीद कर रहे हैं कि उनकी टीम इस सीजन में और भी बेहतर प्रदर्शन करेगी। पंजाब किंग्स ने इस जीत के साथ अंक तालिका में भी अपनी स्थिति मजबूत कर ली है और वे शीर्ष टीमों में शामिल हो गए हैं।

शिक्षा में मिठास का नया अध्याय: जन्मदिन उत्सव से स्कूल बना बच्चों का प्रिय स्थान

A Slice of Joy | Bankura School’s Birthday Celebrations Combat Dropout Rates

A Slice of Joy: बांकुरा शहर के केंदुआडीही लोअर प्राइमरी स्कूल ने शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहल की है, जो बच्चों के दिलों को छू रही है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों के लिए यह स्कूल एक आशा की किरण बनकर उभरा है। यहाँ के शिक्षकों ने बच्चों को स्कूल से जोड़े रखने के लिए एक अनोखा तरीका अपनाया है – हर महीने जन्मदिन का उत्सव।

स्कूल के कार्यवाहक प्रधानाध्यापक का मानना है कि उनके स्कूल में अधिकांश बच्चे गरीब परिवारों से आते हैं। उनके माता-पिता सुबह काम पर निकल जाते हैं और देर रात तक लौटते हैं। ऐसे में बच्चों के जन्मदिन मनाना उनके लिए एक सपना जैसा है। इस बात को ध्यान में रखते हुए, स्कूल ने हर महीने बच्चों के जन्मदिन मनाने का निर्णय लिया है। इससे बच्चों की स्कूल में रुचि बढ़ेगी और स्कूल छोड़ने वालों की संख्या में कमी आएगी।

Bankura School’s Birthday Celebrations Combat Dropout Rates:

मार्च महीने में, स्कूल के 10 बच्चों का जन्मदिन था। शनिवार को, सभी ने मिलकर एक केक काटा। केक के साथ-साथ, पाई भी थी। जन्मदिन के उत्सव को खास बनाने के लिए, मध्याह्न भोजन के मेनू में भी बदलाव किया गया। चावल, दाल, आलू पोस्ता, चिकन मांस, चटनी और अंत में मिठाई परोसी गई। छोटे बच्चों के समूह ने बड़े चाव से भोजन किया।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों, वसंत उत्सव और सरस्वती पूजा के भोजन के बाद, अब बच्चों के जन्मदिन के उत्सव को भी शामिल किया गया है। यह स्कूल दिखा रहा है कि अगर इच्छाशक्ति हो तो क्या नहीं किया जा सकता। यह पहल न केवल बच्चों को खुश करती है, बल्कि उन्हें शिक्षा के प्रति प्रेरित भी करती है। स्कूल प्रशासन को उम्मीद है कि इस पहल से स्कूल छोड़ने वाले बच्चों की संख्या में भारी कमी आएगी।

केंदुआडीही लोअर प्राइमरी स्कूल का यह प्रयास अन्य स्कूलों के लिए भी एक प्रेरणा है। यह साबित करता है कि शिक्षा को रोचक और आकर्षक बनाने के लिए नवाचार और सहानुभूति दोनों आवश्यक हैं।

और पढ़ें: थिएटर कार्निवल 2025 | बारानगर में थिएटर प्रेमियों का उत्सवी समागम

अन्नपूर्णा पूजा | मुखर्जी हाउस में 87वीं पूजा में अभिनेत्री देबाश्री रॉय और सुप्रीम कोर्ट के वकील जॉय दीप मुखर्जी

Annapurna Puja | Actress Debashree Roy and Supreme Court lawyer Joy Deep Mukherjee at the 87th puja at the Mukherjee house

Annapurna Puja: कोलकाता के पारंपरिक मुखर्जी घर में 87वीं अन्नपूर्णा पूजा मनाई गई। इस विशेष कार्यक्रम में प्रसिद्ध अभिनेत्री देबाश्री रॉय और सुप्रीम कोर्ट के प्रसिद्ध वकील जॉय दीप मुखर्जी सहित कई प्रमुख हस्तियां शामिल हुईं।

परंपरा और भक्ति का संयोजन

मुखर्जी परिवार की अन्नपूर्णा पूजा महज एक धार्मिक उत्सव नहीं है, बल्कि यह एक जुनून है जो पीढ़ियों से चला आ रहा है। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी यह त्यौहार बड़े धूमधाम और समारोह के साथ मनाया जाता है। मुखर्जी के घर पर हुई इस पूजा में कई लोगों ने हिस्सा लिया, जिससे सामाजिक और सांस्कृतिक बंधन का अनूठा उदाहरण सामने आया।

देबाश्री रॉय की उपस्थिति

बंगाली फिल्म उद्योग में चमकता नाम, प्रसिद्ध अभिनेत्री देबाश्री रॉय इस पूजा में विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थीं। देबाश्री रॉय ने कहा, “ऐसी पारिवारिक और पारंपरिक पूजा में शामिल होना मेरे लिए बहुत खुशी की बात है। मां अन्नपूर्णा का आशीर्वाद हम सभी के लिए लाभकारी हो।”

जॉय दीप मुखर्जी की ओर से शुभकामनाएं

सुप्रीम कोर्ट के जाने-माने वकील जॉय दीप मुखर्जी, जो स्वयं इस परिवार के सदस्य हैं, ने पूजा की व्यवस्था पर बहुत प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा, “हमारे परिवार की यह परंपरा आज भी समान रूप से मनाई जाती है, जो हमारी संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह पूजा न केवल धार्मिक है, बल्कि लोगों में एकता और सद्भाव का संदेश भी देती है।”

विभिन्न त्यौहार व्यवस्थाएँ

पूजा के अवसर पर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। भक्ति संगीत, नाटक और धुनुची नृत्य के साथ यह त्योहार और अधिक रंगीन हो जाता है। पूजा प्रसाद का वितरण, स्वादिष्ट व्यंजन बनाना और शाम की आरती मुख्य आकर्षण थे।

भीड़ और प्रशंसकों का उत्साह

हर साल की तरह इस साल भी मुखर्जी घर पर अन्नपूर्णा पूजा में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। स्थानीय लोगों और विशिष्ट अतिथियों के साथ-साथ परिवार के सदस्यों का एकत्र होना इस उत्सव को दूसरे स्तर पर ले जाता है।

संस्कृति और परंपरा की निरंतरता

अन्नपूर्णा पूजा न केवल मुखर्जी परिवार के लिए, बल्कि पूरे कोलकाता और पश्चिम बंगाल की संस्कृति के लिए एक अमूल्य परंपरा है। इस प्रकार की पूजा न केवल आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह पारिवारिक और सामाजिक बंधन को मजबूत करने में भी विशेष भूमिका निभाती है।

इस वर्ष भी उस परंपरा को जारी रखते हुए मुखर्जी के घर पर अन्नपूर्णा पूजा उत्सव मनाया गया। सभी की आशा है कि देवी अन्नपूर्णा के आशीर्वाद से यह उत्सव आगामी वर्षों में भी इसी प्रकार धूमधाम से मनाया जाएगा।

और पढ़ें: बंकुरा में विकास की नई लहर: तारकेश्वर से बिष्णुपुर रेल परियोजना का सपना साकार

स्वास्थ्य सेवा में नए क्षितिज: आधुनिक चिकित्सा के क्षेत्र में नई संभावनाएं

New horizons in healthcare | Vivacity Multi-speciality Hospital in Madhyamgram

New horizons in healthcare: स्वास्थ्य सेवा आज के समाज का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। समय के साथ सभी के लिए गुणवत्तापूर्ण उपचार सुलभ बनाने के उद्देश्य से, नेफ्रो केयर इंडिया लिमिटेड ने अपनी नई पहल के माध्यम से स्वास्थ्य सेवा में एक नया क्षितिज खोला है। उनकी नई परियोजना, विवासिटी मल्टी-स्पेशलिटी हॉस्पिटल, अब मध्यमग्राम में 100 बिस्तरों वाली पूरी तरह से आधुनिक चिकित्सा सुविधा के साथ शुरू हो गई है।

बेहतर स्वास्थ्य सेवा का वादा (स्वास्थ्य सेवा में नए क्षितिज)

विवासिटी मल्टी-स्पेशलिटी हॉस्पिटल महज एक अस्पताल नहीं है, यह एक अत्याधुनिक स्वास्थ्य केंद्र है, जहां मरीजों को उच्चतम गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाएं प्रदान की जाती हैं। अस्पताल की विशेष विशेषताएं इस प्रकार हैं:

  • 100 बिस्तरों से पूर्णतः सुसज्जित: रोगियों के आरामदायक और उचित उपचार को सुनिश्चित करने के लिए अच्छी तरह से सुसज्जित कमरे और उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवा।
  • विशेषज्ञों की बहुविषयक टीम: अस्पताल के प्रत्येक विभाग में अनुभवी डॉक्टरों और नर्सों की एक टीम होती है जो रोगियों को उचित परामर्श और उन्नत उपचार सुनिश्चित करती है।
  • अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण: अस्पताल उन्नत चिकित्सा उपकरणों से सुसज्जित है, जिससे निदान और उपचार प्रणाली में और सुधार हुआ है।
  • 24/7 आपातकालीन सेवाएं: मरीज किसी भी आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी उपचार प्राप्त कर सकते हैं।
  • विशिष्ट विभाग: यहां कई विशिष्ट चिकित्सा विभाग हैं, जैसे कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, नेफ्रोलॉजी, स्त्री रोग, बाल रोग आदि।

रोगी कल्याण के लिए प्रतिबद्ध

नेफ्रो केयर इंडिया लिमिटेड हमेशा मरीजों के स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहता है और बेहतर सेवाओं के लिए काम करता है। विवासिटी मल्टी-स्पेशलिटी हॉस्पिटल उस प्रयास का मूर्त प्रतिबिंब है। अस्पताल मरीजों को उच्चतम गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है और ऐसी सेवाएं प्रदान करता है जो प्रौद्योगिकी और मानवता का संयोजन करती हैं।

विवासिटी मल्टी-स्पेशलिटी हॉस्पिटल क्यों?

वर्तमान में, उन्नत चिकित्सा सेवाएं कई मामलों में शहर-केंद्रित हो गई हैं, जिसके परिणामस्वरूप उपनगरीय निवासियों को उच्च गुणवत्ता वाली सेवाओं तक पहुंचने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन मध्यमग्राम में विवासिटी मल्टी-स्पेशलिटी हॉस्पिटल खुलने से यह समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी। इस अस्पताल के माध्यम से स्थानीय लोगों को अत्याधुनिक उपचार प्राप्त करने का अवसर मिलेगा, जिससे उन्हें स्वस्थ और सामान्य जीवन जीने में मदद मिलेगी।

भविष्य की योजनाएं

विवासिटी मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल सिर्फ एक अस्पताल तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भविष्य में अनुसंधान, प्रशिक्षण और उन्नत चिकित्सा उपचार में भी अग्रणी भूमिका निभाएगा। अस्पताल का लक्ष्य बेहतर स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करना और मरीजों को सर्वोत्तम उपचार प्रदान करके देश के स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र को आगे बढ़ाना है।

और पढ़ें: कोलकाता के ग्रैंड होटल के बगल में रंगारंग इफ्तार पार्टी का आयोजन, रमजान के महीने की पवित्रता और सद्भाव का संदेश दिया गया