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शांतिनिकेतन मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में डॉ. अमृतेंदु मंडल का ‘मेडिसिन’ विषय पर क्लासरूम डेमोंस्ट्रेशन एवं व्याख्यान

Classroom demonstration: शांतिनिकेतन मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में चिकित्सा के छात्रों के लिए एक शानदार शैक्षिक सत्र

शांतिनिकेतन मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में हाल ही में एक अत्यंत महत्वपूर्ण क्लासरूम डेमोंस्ट्रेशन और व्याख्यान आयोजित किया गया, जो चिकित्सा के छात्रों के लिए ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक था। यह व्याख्यान ‘मेडिसिन’ के विषय पर था, जिसे प्रसिद्ध आंतरिक चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. अमृतेंदु मंडल ने प्रस्तुत किया। इस व्याख्यान का मुख्य उद्देश्य छात्रों को चिकित्सा के विभिन्न पहलुओं से परिचित कराना था, जिसमें रोगों का निदान, इलाज और रोगी के समग्र उपचार के लिए विभिन्न दृष्टिकोणों पर चर्चा की गई।

डॉ. अमृतेंदु मंडल का परिचय

डॉ. अमृतेंदु मंडल एक प्रतिष्ठित चिकित्सक हैं, जिनकी विशेषज्ञता आंतरिक चिकित्सा (Internal Medicine) में है। उन्होंने विभिन्न चिकित्सा संस्थानों में लंबा समय बिताया है और चिकित्सा शिक्षा में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनके पास मरीजों के उपचार और चिकित्सा के क्षेत्र में व्यापक अनुभव है। डॉ. मंडल की शिक्षण शैली को छात्र अत्यधिक प्रभावशाली मानते हैं क्योंकि वे जटिल चिकित्सा अवधारणाओं को बेहद सरल और स्पष्ट तरीके से समझाते हैं। उनकी शिक्षण पद्धति केवल सिद्धांत पर आधारित नहीं, बल्कि उसे वास्तविक दुनिया के रोगों और इलाज के साथ जोड़कर छात्रों को व्यावहारिक अनुभव भी देती है।

व्याख्यान का उद्देश्य और विषय

इस व्याख्यान का मुख्य उद्देश्य चिकित्सा छात्रों को आंतरिक चिकित्सा (Internal Medicine) के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराना था। डॉ. मंडल ने छात्रों को यह बताया कि केवल दवाइयां ही रोग का समाधान नहीं हैं, बल्कि रोगी की मानसिक और शारीरिक स्थिति का भी ध्यान रखना बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चिकित्सा में सफलता केवल सही निदान और इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि रोगी के साथ एक मजबूत संवाद और सहानुभूति भी आवश्यक है।

डॉ. मंडल ने छात्रों को यह भी समझाया कि एक चिकित्सक को हमेशा अद्यतन चिकित्सा ज्ञान के साथ काम करना चाहिए, क्योंकि चिकित्सा के क्षेत्र में लगातार नए शोध और तकनीकें आ रही हैं। इसके अलावा, उन्होंने बताया कि एक अच्छे चिकित्सक को कभी भी अपनी शिक्षा के प्रति लापरवाह नहीं होना चाहिए और उसे हमेशा अपने ज्ञान को विस्तार देना चाहिए।

मुख्य विषयों पर डॉ. मंडल का व्याख्यान

  1. रोगों का निदान और पहचानडॉ. मंडल ने सबसे पहले रोगों के निदान पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि रोगों का निदान केवल लक्षणों पर आधारित नहीं होना चाहिए, बल्कि शारीरिक परीक्षण, मेडिकल हिस्ट्री और आधुनिक परीक्षण तकनीकों का उपयोग करना भी आवश्यक है। उन्होंने छात्रों को यह समझाया कि निदान के लिए विभिन्न प्रकार की जांचें जैसे रक्त परीक्षण, अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन और एक्स-रे का उपयोग कैसे किया जाता है। “निदान केवल एक प्रक्रिया नहीं है, यह एक कला भी है,” डॉ. मंडल ने कहा। उनके अनुसार, सही निदान के बिना कोई भी उपचार सफल नहीं हो सकता है।
  2. रोगी केंद्रित उपचार (Patient-Centered Approach)डॉ. मंडल ने छात्रों को रोगी केंद्रित उपचार के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने समझाया कि हर रोगी की स्थिति अलग होती है और इसलिए उपचार को उसके शरीर, मानसिक स्थिति और जीवनशैली के अनुसार अनुकूलित किया जाना चाहिए। इसके अलावा, उपचार में रोगी की सहमति और उसकी भावनाओं का भी ध्यान रखना चाहिए। “चिकित्सा का उद्देश्य केवल शारीरिक बीमारी का इलाज नहीं है, बल्कि यह रोगी की समग्र भलाई के लिए काम करता है,” उन्होंने कहा।
  3. क्लिनिकल डिसीजन मेकिंग (Clinical Decision Making)एक महत्वपूर्ण पहलू जो डॉ. मंडल ने कवर किया, वह था क्लिनिकल डिसीजन मेकिंग, अर्थात चिकित्सा निर्णय लेने की प्रक्रिया। उन्होंने इसे एक जटिल और महत्वपूर्ण कार्य बताया, जिसमें चिकित्सक को कई कारकों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेना होता है। छात्रों से विभिन्न केस स्टडीज़ पर चर्चा करते हुए, डॉ. मंडल ने यह समझाया कि किसी भी रोगी के इलाज में चिकित्सक को न केवल दवाइयों के बारे में सोचना चाहिए, बल्कि उसे रोगी की सामान्य स्थिति, उसकी उम्र, पारिवारिक इतिहास और सामाजिक परिस्थितियों को भी ध्यान में रखना चाहिए।
  4. आधुनिक चिकित्सा प्रौद्योगिकी और तकनीकडॉ. मंडल ने इस सत्र में चिकित्सा में आ रही नई तकनीकों और प्रौद्योगिकियों पर भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि चिकित्सा के क्षेत्र में नवाचार और नई खोजों का निरंतर प्रभाव बढ़ता जा रहा है। जैसे कि टेलीमेडिसिन, न्यूनतम आक्रामक सर्जरी और व्यक्तिगत चिकित्सा (Personalized Medicine) के क्षेत्रों में काफी प्रगति हो रही है। ये प्रौद्योगिकियां न केवल रोगों के इलाज में मददगार हैं, बल्कि रोगी को बेहतर और कम दर्दनाक उपचार प्रदान करती हैं।
  5. चिकित्सा नैतिकता (Medical Ethics)डॉ. मंडल ने चिकित्सा में नैतिकता के महत्व को भी उजागर किया। उन्होंने बताया कि एक अच्छे चिकित्सक के लिए पेशेवर और नैतिकता का पालन करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने छात्रों को यह समझाया कि मरीज की गोपनीयता का सम्मान करना, इलाज में पारदर्शिता रखना, और हर मरीज के साथ समान उपचार करना नैतिक चिकित्सा का हिस्सा है।

छात्रों का सक्रिय सहभाग

डॉ. मंडल के इस व्याख्यान में छात्रों ने काफी सक्रिय भागीदारी दिखाई। वे विभिन्न केस स्टडीज पर अपनी राय और सुझाव दे रहे थे, जिससे उन्हें वास्तविक जीवन की स्थितियों से निपटने का अनुभव हुआ। डॉ. मंडल ने छात्रों के सवालों का धैर्यपूर्वक उत्तर दिया और उन्हें चिकित्सकीय निर्णय लेने के लिए प्रेरित किया।

संतिनिकेतन मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में डॉ. अमृतेंदु मंडल द्वारा आयोजित यह क्लासरूम डेमोंस्ट्रेशन और व्याख्यान चिकित्सा के छात्रों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक था। यह सत्र छात्रों को न केवल चिकित्सा के सिद्धांतों से परिचित कराता है, बल्कि उन्हें पेशेवर जीवन में सामना करने वाली चुनौतियों के लिए भी तैयार करता है। डॉ. मंडल का यह व्याख्यान इस बात का स्पष्ट उदाहरण था कि कैसे एक सक्षम और अनुभवी चिकित्सक अपनी शिक्षा और अनुभव से आने वाली पीढ़ी को दिशा और प्रेरणा दे सकता है।

संतिनिकेतन मेडिकल कॉलेज में इस तरह के सत्र छात्रों की शिक्षा में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं और उन्हें उच्चतम स्तर की चिकित्सा शिक्षा प्रदान करने में मदद करते हैं।

और पढ़ें: डॉ. मधुमिता महतो द्वारा ह्यूमरस हड्डी की शारीरिक रचना के कार्यों और नैदानिक ​​स्थितियों पर व्याख्यान – शांतिनिकेतन मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में लाइव सत्र”

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