Annapurna Puja: कोलकाता के पारंपरिक मुखर्जी घर में 87वीं अन्नपूर्णा पूजा मनाई गई। इस विशेष कार्यक्रम में प्रसिद्ध अभिनेत्री देबाश्री रॉय और सुप्रीम कोर्ट के प्रसिद्ध वकील जॉय दीप मुखर्जी सहित कई प्रमुख हस्तियां शामिल हुईं।
परंपरा और भक्ति का संयोजन
मुखर्जी परिवार की अन्नपूर्णा पूजा महज एक धार्मिक उत्सव नहीं है, बल्कि यह एक जुनून है जो पीढ़ियों से चला आ रहा है। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी यह त्यौहार बड़े धूमधाम और समारोह के साथ मनाया जाता है। मुखर्जी के घर पर हुई इस पूजा में कई लोगों ने हिस्सा लिया, जिससे सामाजिक और सांस्कृतिक बंधन का अनूठा उदाहरण सामने आया।
देबाश्री रॉय की उपस्थिति
बंगाली फिल्म उद्योग में चमकता नाम, प्रसिद्ध अभिनेत्री देबाश्री रॉय इस पूजा में विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थीं। देबाश्री रॉय ने कहा, “ऐसी पारिवारिक और पारंपरिक पूजा में शामिल होना मेरे लिए बहुत खुशी की बात है। मां अन्नपूर्णा का आशीर्वाद हम सभी के लिए लाभकारी हो।”
जॉय दीप मुखर्जी की ओर से शुभकामनाएं
सुप्रीम कोर्ट के जाने-माने वकील जॉय दीप मुखर्जी, जो स्वयं इस परिवार के सदस्य हैं, ने पूजा की व्यवस्था पर बहुत प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा, “हमारे परिवार की यह परंपरा आज भी समान रूप से मनाई जाती है, जो हमारी संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह पूजा न केवल धार्मिक है, बल्कि लोगों में एकता और सद्भाव का संदेश भी देती है।”
विभिन्न त्यौहार व्यवस्थाएँ
पूजा के अवसर पर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। भक्ति संगीत, नाटक और धुनुची नृत्य के साथ यह त्योहार और अधिक रंगीन हो जाता है। पूजा प्रसाद का वितरण, स्वादिष्ट व्यंजन बनाना और शाम की आरती मुख्य आकर्षण थे।
भीड़ और प्रशंसकों का उत्साह
हर साल की तरह इस साल भी मुखर्जी घर पर अन्नपूर्णा पूजा में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। स्थानीय लोगों और विशिष्ट अतिथियों के साथ-साथ परिवार के सदस्यों का एकत्र होना इस उत्सव को दूसरे स्तर पर ले जाता है।
संस्कृति और परंपरा की निरंतरता
अन्नपूर्णा पूजा न केवल मुखर्जी परिवार के लिए, बल्कि पूरे कोलकाता और पश्चिम बंगाल की संस्कृति के लिए एक अमूल्य परंपरा है। इस प्रकार की पूजा न केवल आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह पारिवारिक और सामाजिक बंधन को मजबूत करने में भी विशेष भूमिका निभाती है।
इस वर्ष भी उस परंपरा को जारी रखते हुए मुखर्जी के घर पर अन्नपूर्णा पूजा उत्सव मनाया गया। सभी की आशा है कि देवी अन्नपूर्णा के आशीर्वाद से यह उत्सव आगामी वर्षों में भी इसी प्रकार धूमधाम से मनाया जाएगा।
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