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New Jalpaiguri:बंगाल के इस प्रमुख रेलवे स्टेशन की बदलने जा रही है तस्वीर, बनेगा पूर्वोत्तर भारत का नया ‘गेटवे’!!!

New Jalpaiguri:पश्चिम बंगाल के रेल बुनियादी ढांचे के लिए एक बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धि सामने आ रही है। राज्य के सबसे महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों में से एक न्यू जलपाईगुड़ी (NJP) का कायाकल्प होने जा रहा है। नार्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे (NFR) के तहत आने वाले इस स्टेशन को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस कर उत्तर बंगाल और पूर्वोत्तर भारत के मुख्य ‘गेटवे’ के रूप में विकसित किया जा रहा है।

विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस होगा नया स्टेशन

न्यू जलपाईगुड़ी रेलवे स्टेशन को एक आधुनिक, ‘स्टेट-ऑफ-द-आर्ट’ और यात्री-अनुकूल स्टेशन बनाने के लिए व्यापक योजना पर काम चल रहा है। पुनर्विकास परियोजना के तहत स्टेशन परिसर में कई बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे:

आधुनिक टर्मिनल: हवाई अड्डे की तर्ज पर अलग-अलग अराइवल (Arrival) और डिपार्चर (Departure) टर्मिनल बिल्डिंग्स का निर्माण किया जाएगा, जिससे यात्रियों की आवाजाही सुगम हो सके।

बेहतर ट्रैफिक व पार्किंग प्रबंधन: परिसर में नए फ्लाईओवर, चौड़ी सड़कें और आधुनिक पार्किंग सुविधाएं विकसित की जाएंगी ताकि स्टेशन के बाहर और भीतर ट्रैफिक जाम की समस्या न हो।

नया फुट ओवरब्रिज और प्लेटफॉर्म: प्लेटफॉर्मों का पूर्ण पुनर्विकास किया जा रहा है और यात्रियों की निर्बाध आवाजाही के लिए नया फुट ओवरब्रिज तैयार किया जाएगा।

कनेक्टिविटी पर जोर: स्टेशन तक पहुँचने वाले रास्तों और मुख्य द्वारों को इस तरह से जोड़ा जा रहा है कि यात्रियों को स्टेशन में प्रवेश करने या बाहर निकलने में किसी प्रकार की असुविधा न हो।

समयबद्ध निर्माण और कड़ा निरीक्षण

रेलवे प्रशासन इस ड्रीम प्रोजेक्ट को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने पर विशेष जोर दे रहा है। निर्माण कार्य की गति और गुणवत्ता पर उच्च अधिकारियों द्वारा कड़ी नजर रखी जा रही है।

हाल ही में, नार्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे के जनरल मैनेजर आशीष बंसल ने न्यू जलपाईगुड़ी रेलवे स्टेशन का दौरा कर चल रहे विकास कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को काम की गति बनाए रखने और गुणवत्ता से कोई समझौता न करने के सख्त निर्देश दिए हैं।

पूर्वोत्तर भारत का प्रमुख केंद्र

न्यू जलपाईगुड़ी स्टेशन न केवल उत्तर बंगाल की जीवन रेखा है, बल्कि सिक्किम और पूर्वोत्तर राज्यों (Seven Sisters) को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाली मुख्य कड़ी भी है। इस पुनर्विकास के बाद, यह स्टेशन पूर्वोत्तर भारत के व्यापार, पर्यटन और संचार के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत करेगा।

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