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बोलपुर के नन्हे पारिजात का अनूठा उदाहरण: 9 साल के बच्चे ने दुर्लभ कछुए को वन विभाग को सौंपकर पेश की मिसाल

Young Bolpur Boy Sets Example: स्थान: बोलपुर, बीरभूम, संवाददाता: पॉजिटिव बर्ता प्रतिनिधि

पर्यावरण जागरूकता का एक चमकता उदाहरण बोलपुर के एक छोटे बच्चे ने पेश किया है। 9 वर्षीय पारिजात भट्टाचार्य, जो बोलपुर के एक स्कूल का छात्र है, प्रतिदिन की तरह स्कूल से घर लौटते समय अचानक एक अज्ञात जलीय जीव देखता है – एक ब्लैक पॉन्ड टर्टल या काला तालाब कछुआ।

जिज्ञासा और दया से भरकर, वह कछुए को घर ले आया और दो दिनों तक उसकी देखभाल की। पारिजात और उसके परिवार ने बाद में जानकारी जुटाई और पाया कि यह एक दुर्लभ और लुप्तप्राय प्रजाति का कछुआ है, जिसे विशेष रूप से संरक्षित किया जाना चाहिए।

इस जानकारी के बाद, बच्चे और उसके परिवार ने बिना देर किए कछुए को बोलपुर वन विभाग को सौंप दिया, ताकि इसे सुरक्षित और प्रकृति के अनुकूल वातावरण में संरक्षित किया जा सके।

वन विभाग के अधिकारियों ने पारिजात की इस पहल की अत्यधिक सराहना की है। ऐसे कार्य से यह समझा जा सकता है कि पर्यावरण के प्रति जागरूकता बचपन से ही विकसित की जा सकती है, यदि बच्चों को परिवार और समाज से सही शिक्षा और मूल्य मिलें।

पारिजात का यह छोटा कदम एक बड़ा संदेश देता है:

“प्रकृति की रक्षा की जिम्मेदारी केवल बड़ों की नहीं है, छोटे बच्चे भी बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।”

पॉजिटिव बर्ता परिवार इस नन्हे पर्यावरण प्रेमी बच्चे की ईमानदारी और जिम्मेदारी की भावना को सलाम करता है।

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